लखनऊ: दो अगस्त (ए) उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने रविवार को कहा कि सोमवार से शुरू हो रहे विधानमंडल के मानसून सत्र में राम मंदिर चढ़ावा चोरी समेत जनहित के कई मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
उत्तर प्रदेश विधानमंडल (विधानसभा और विधान परिषद) के दोनों सदनों का मानसून सत्र सोमवार, तीन अगस्त से शुरू होगा।
सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में माता प्रसाद पांडेय ने कहा, ‘‘शिक्षा, महंगाई, बेरोजगारी और अयोध्या में राम मंदिर के लिए दिए गए चढ़ावे की चोरी से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।’’
उन्होंने कहा कि किसानों और कृषि से जुड़े विषयों को भी सदन में उठाया जाएगा। इसके अलावा स्कूल बंद होने के मुद्दे पर भी चर्चा होगी।
उप्र विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल की नेता आराधना मिश्रा ने ‘ कहा, “सरकार सदन चलाने और सदन में जवाब देने से क्यों डर रही है? यह हमारा आखिरी मानसून सत्र होगा। सरकार सदन तभी बुलाती है जब संवैधानिक रूप से मजबूर होती है और तब भी, इसकी अवधि बहुत कम रखती है।”
उन्होंने कहा कि चाहे किसानों के लिए खाद का मामला हो, युवाओं की बेरोजगारी, महिलाओं के खिलाफ अपराध, स्कूल, बिजली की आपूर्ति या महंगाई, इन सभी विषयों पर चर्चा होनी चाहिए।
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मुद्दे को लेकर उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मामले को लेकर सरकार से जवाब चाहती है।
मिश्रा ने कहा कि चूंकि उत्तर प्रदेश सरकार ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था, इसलिए उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए, क्योंकि यह भगवान राम के करोड़ों भक्तों की आस्था का मामला है, जो सनातन धर्म में विश्वास करते हैं।
तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज का जिक्र करते हुए आराधना मिश्रा ने कहा, “दिल्ली में जिन लोगों पर लाठीचार्ज किया गया, उनमें उत्तर प्रदेश के युवा सबसे बड़े समूह में थे। हम इसके लिए भी सरकार को जवाबदेह ठहराना चाहते हैं। हालांकि, हमारे पास केवल तीन दिन हैं। सवाल यह है कि क्या इन सभी मुद्दों को तीन दिनों में कवर किया जा सकता है? यही हमारी चिंता थी, और इसीलिए हमने आज सरकार से सदन के सत्र की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया।”
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने 21 जुलाई को राज्य विधानमंडल के वर्ष 2026 के तीसरे सत्र को तीन अगस्त से बुलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इस सत्र में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अनुपूरक बजट और अन्य विधायी कार्यों पर चर्चा की जाएगी।
