अयोध्या (उप्र): 28 जून (ए)
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई मामले की जांच के सिलसिले में की गई।
सूत्रों के मुताबिक, स्थानीय मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस दलों ने लव कुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला और रामाशंकर यादव समेत सभी आरोपियों के आवासों की तलाशी ली।
गौरतलब है कि दो दिन पहले ही अयोध्या की एक अदालत ने सभी आठ आरोपियों को 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। सोमवार को अदालत में पेशी के दौरान पुलिस उनकी रिमांड मांग सकती है।
गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लव कुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, राम शंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रामाशंकर उर्फ टिन्नू यादव राम मंदिर में दान के रूप में आई नकदी और कीमती सामान गिनने के काम से जुड़े थे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, जांचकर्ताओं ने अब तक 79.85 लाख रुपये बरामद किए हैं। यह मामला भारतीय न्याय संहिता के तहत नौकर द्वारा चोरी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी का सामान लेने और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
यह प्राथमिकी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय एसआईटी की शुरुआती रिपोर्ट की सिफारिश पर दर्ज की गई थी। इस महीने की शुरुआत में गबन के आरोप सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एसआईटी का गठन किया था।