बलिया (उप्र): 15 अप्रैल (ए)
पूर्व मंत्री हरि नारायण राजभर के निधन पर बुधवार दोपहर बलिया जिले के टंगुनिया गांव में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद ओम प्रकाश राजभर ने संवाददाताओं से बातचीत में मायावती की मांग का जिक्र होने पर कहा कि बसपा प्रमुख की मांग बिल्कुल जायज है और सांसदों को संसद में यह बात उठानी चाहिये।उन्होंने कहा कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की तर्ज पर लोकसभा और विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिये आरक्षण की व्यवस्था होनी चाहिए। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने लोकसभा तथा विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण में से अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों तथा अन्य पिछड़े वर्ग की औरतों को अलग से आरक्षण देने की जरूरत बताते हुए बुधवार को कहा कि ऐसा नहीं होना महिला आरक्षण के वास्तविक उद्देश्य को काफी हद तक ‘नकारने’ जैसा है।मायावती ने लखनऊ में संवाददाताओं से कहा कि हालांकि उनकी पार्टी लोकसभा तथा विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाये जाने का स्वागत करती है लेकिन इसमें अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों तथा अन्य पिछड़े वर्ग की महिलाओं को अलग से आरक्षण नहीं दिये जाने से इन वर्गों की महिलाओं को आरक्षण का पूरा लाभ मिल पाएगा, इसमें काफी संदेह है।उन्होंने कहा, ”ऐसा न होना महिला आरक्षण के वास्तविक उद्देश्य को काफी हद तक नकारने जैसा है।” मायावती ने कहा कि इसीलिए उनकी पार्टी देश के सर्व समाज की महिलाओं को उनकी आबादी के हिसाब से 50 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग लगातार करती आ रही है लेकिन इसे कोई भी पार्टी अपने ‘स्वार्थ और मजबूरियों’ के कारण मानने के लिए कतई तैयार नहीं दिखती। ओम प्रकाश राजभर ने भाजपा पर महिला आरक्षण के मुद्दे को लेकर ‘जल्दबाजी’ करके जनगणना कार्य को टालने की नीयत रखने के समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर तल्ख प्रतिक्रिया दी।उन्होंने कहा, ”अखिलेश यादव निश्चित रूप से महिला विरोधी हैं। जब उन्होंने अपनी पत्नी को लेकर एक मौलाना के वक्तव्य पर कोई टिप्पणी नहीं की, तो समझ सकते हैं कि वे महिलाओं के प्रति कितना समर्पित हैं। वह नहीं चाहते हैं कि महिलाओं को बराबर का अधिकार मिले।” ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि केंद्र सरकार ने महिलाओं के आरक्षण को लेकर संसद का तीन दिन का विशेष सत्र आहूत किया है, जिसमें विपक्ष को अपनी बात मजबूती से रखनी चाहिए।