वाशिंगटन: आठ नवंबर (ए) अमेरिका के सिएटल में जेक लैंग के नेतृत्व में रूढ़िवादी कार्यकर्ताओं ने दिवाली समारोह के दौरान हंगामा किया और भारतीयों को देश से निकालने की मांग वाले नस्लवादी नारे लिखी तख्तियां लहराईं, जिसकी अमेरिकी सांसदों और समुदाय के नेताओं ने कड़ी निंदा की।लैंग और उनके साथी कार्यकर्ता थॉमस एलन ने शनिवार को एक मंच के सामने अमेरिकी झंडा लहराया और ‘‘माथे पर तिलक लगाने वाले सभी लोगों को देश से निकालो’’ तथा ‘‘ईसाइयों की जगह हिंदुओं को बसाना बंद करो’’ जैसे नारे लिखी तख्तियां दिखाईं। उस समय मंच पर नृत्य प्रस्तुति चल रही थी।
सिएटल में दिवाली समारोह के दौरान हुए इस हंगामे के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुए।
कुछ ही देर बाद कार्यकर्ताओं को ‘सिएटल सेंटर आर्मरी’ में आयोजित दिवाली समारोह से बाहर ले जाया गया। यह समारोह ‘सिएटल सेंटर फेस्टल’ का हिस्सा था, जिसके तहत 25 निःशुल्क सांस्कृतिक उत्सव आयोजित किए जाते हैं। इन आयोजनों में हर साल करीब चार लाख लोग शामिल होते हैं।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की सदस्य प्रमिला जयपाल ने इस ‘‘घृणित’’ और ‘‘नस्लवादी’’ घटना पर गहरी नाराजगी जताई।
वाशिंगटन से सांसद जयपाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘इस घृणित और नस्लवादी प्रदर्शन से मैं बेहद आहत और क्षुब्ध हूं। दिवाली एक महत्वपूर्ण त्योहार है और हमारे समुदाय के लोगों को इसे सुरक्षित माहौल में मनाने का अधिकार है। इस तरह के नफरत भरे प्रदर्शन के लिए हमारे शहर या देश में कोई जगह नहीं है।’’
अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ के पूर्व सलाहकार अजय जैन भूटोरिया ने लैंग और एलन की हरकतों को ‘‘बेहद घृणित’’ बताया।
भूटोरिया ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘हिंदू अमेरिकियों और भारतीय प्रवासियों को नस्लवादी टिप्पणियों तथा साजिश के आरोपों के जरिए निशाना बनाना इस देश में स्वीकार्य नहीं है। हम इस तरह के नस्लवाद का विरोध करते हैं और अपनी सांस्कृतिक विरासत का उत्सव स्वतंत्र रूप से मनाने के हर अमेरिकी के अधिकार का समर्थन करते हैं।’’
यह हंगामा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘व्हाइट हाउस’ स्थित ‘ओवल ऑफिस’ में पारंपरिक रूप से दीया जलाने और वाशिंगटन के गवर्नर बॉब फर्ग्यूसन के सिएटल स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास में दिवाली समारोह में शामिल होने के एक दिन बाद हुआ।
फर्ग्यूसन ने कहा, ‘‘हमें गर्व है कि अमेरिका में भारतीय मूल के लोगों की सबसे बड़ी आबादी वाले राज्यों में वाशिंगटन भी शामिल है। पिछले दशक में देशभर में भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों की आबादी सबसे तेजी से हमारे राज्य में बढ़ी। इस समुदाय ने हमारे राज्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।’’
