नयी दिल्ली: सात जनवरी (ए)
ये टिप्पणियां कथित तौर पर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 पर्यटकों की हत्या के संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को निशाना बनाकर की गई थीं।न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार तथा मामले की शिकायतकर्ता को नोटिस जारी किया और कहा कि उनके (गायिका के) खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।
न्यायालय ने राठौर को जांच अधिकारी के सामने पेश होने और जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने पिछले साल पांच दिसंबर को लोक गायिका द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था।
उसने पाया कि प्राथमिकी को रद्द करने के अनुरोध वाली उनकी याचिका को खारिज करने वाली पिछली पीठ द्वारा जारी निर्देशों के बावजूद राठौर ने जांच में सहयोग नहीं किया था।
राठौर के खिलाफ प्राथमिकी 27 अप्रैल को लखनऊ के हजरतगंज पुलिस थाने में दर्ज की गई थी और जांच जारी है।
प्राथमिकी में राठौर पर एक विशेष धार्मिक समुदाय को निशाना बनाने और देश की एकता को खतरे में डालने का आरोप लगाया गया था। उन्होंने अप्रैल के आखिरी सप्ताह में अभय प्रताप सिंह द्वारा हजरतगंज पुलिस थाने में दर्ज कराई गई प्राथमिकी को चुनौती दी। सिंह ने राठौर पर “धार्मिक आधार पर एक समुदाय को दूसरे समुदाय के खिलाफ भड़काने का बार-बार प्रयास करने” का आरोप लगाया।
राठौर ने उन पर लगे आरोपों को गलत बताया था।