लातूर (महाराष्ट्र): दो अक्टूबर (ए) छात्रों के एक समूह ने शुक्रवार को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके के खिलाफ प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि उन्होंने नीट परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामले के खिलाफ लड़ाई को ‘‘बीच में छोड़ दिया’’ तथा अन्य मुद्दों पर ध्यान केंद्रित कर लिया।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने दीपके से उन आश्वासनों पर जवाब मांगा, जो जंतर-मंतर पर कॉजपा के आंदोलन के बाद सरकार ने दिए थे।
इस आंदोलन के परिणामस्वरूप 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था।
छात्रों का समूह यहां गांधी चौक पर तख्तियां लेकर एकत्र हुआ और दीपके के खिलाफ नारेबाजी की।
समूह के नेता सतीश करांदे ने कहा, ‘‘दीपके अब नीट के मुद्दे पर चुप क्यों हैं? नीट मामले का क्या हुआ? नीट परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजे के मुद्दे पर दीपके ने क्या किया है? उन्हें केंद्र के समक्ष यह मामला उठाना चाहिए और छात्रों के भविष्य के लिए लड़ना चाहिए।’’
करांदे ने ‘’ बातचीत में दावा किया कि समूह पिछले करीब डेढ़ महीने से दीपके के संपर्क में था, लेकिन कॉजपा प्रमुख और उनके सहयोगी ‘‘टालमटोल वाले’’ जवाब दे रहे थे।
