लखनऊ विकास प्राधिकरण ने तिहरे हत्याकांड के आरोपी से जुड़े नजूल भूमि पर से अतिक्रमण हटाया

उत्तर प्रदेश लखनऊ
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लखनऊ: 28 अक्टूबर (ए) लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने सआदतगंज में तिहरे हत्याकांड के आरोपी से जुड़े नजूल भूमि पर से अतिक्रमण को हटा दिया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथामेश कुमार ने कहा, “नजूल भूमि पर से अतिक्रमण हटा दिया गया है। शेष संरचना की फिर से माप-जोख की जा रही है।”एलडीए ने सोमवार को सआदतगंज के ब्रह्माणी टोला इलाके में कार पार्किंग को लेकर हुए विवाद के बाद तीन लोगों की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।

प्राधिकरण ने इससे पहले अवैध निर्माण का हवाला देते हुए घर को सील कर दिया था और मंगलवार रात उसकी चारदिवारी को ध्वस्त कर दिया था।

एलडीए के अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने कहा था कि संपत्ति के लिए भवन योजना को मंजूरी नहीं दी गई थी।

यह कार्रवाई तब की गई जब पीड़ितों के परिवार ने आरोप लगाया कि यह घर नजूल की जमीन पर अवैध कब्जा करके बनाया गया है। हत्याओं के बाद परिवार ने इस संपत्ति को पूरी तरह गिराने की मांग की थी।

मृतकों की पहचान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवक शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी (55) और शिवेंद्र के बेटे सुयश तिवारी (30) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि एक खाली भूखंड पर कार खड़ी करने को लेकर हुए विवाद के बाद इन तीनों की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

पुलिस ने इस हत्याकांड के सिलसिले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है।

इस घटना के बाद, सादातगंज के थाना प्रभारी (एसएचओ) समेत दो पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने पीड़ित परिवार को सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है। इसमें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाना, त्वरित में मुकदमा चलाना और परिवार को आजीवन सुरक्षा देना शामिल है।

सरकार ने परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने और पीड़ित की बेटी की पढ़ाई-लिखाई में मदद करने का भी वादा किया है।

इन हत्याओं के विरोध में भाजपा और आरएसएस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने पीड़ितों के लिए न्याय और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।