वाशिंगटन: आठ जुलाई (ए)
लॉस एंजिल्स में सार्वजनिक किए गए एक संघीय अभियोग के अनुसार, बिश्नोई और बरार ने तीन साल पहले 18 जून को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे शहर में एक सिख गुरुद्वारे के बाहर निज्जर की हत्या का आदेश दिया था।
ये आरोप ऐसे समय सामने आए हैं, जब अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने भारत से जुड़े बताए जा रहे तीन अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की घोषणा की है.
इस अभियान के तहत 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 11 आरोपी कैलिफोर्निया से पकड़े गए। इन पर निज्जर की हत्या, संगठित अपराध, जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और सुनियोजित हत्याओं सहित कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
लॉस एंजिल्स में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रथम सहायक अमेरिकी अटॉर्नी बिल एस्सेली ने कहा, “अमेरिका, कनाडा, यूरोप और एशिया की कानून प्रवर्तन एजेंसियां मिलकर इन आपराधिक संगठनों को जहां भी सक्रिया हैं, वहां निशाना बनाकर खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इन अपराधियों के लिए दुनिया में कहीं भी सुरक्षित ठिकाना नहीं होगा।”
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई कई वर्षों तक चली जांच का परिणाम है। जांच में भारत से जुड़े बताए जा रहे अपराध सिंडिकेटों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संगठित अपराध, सुपारी देकर हत्या, गोलीबारी, जबरन वसूली और बड़ी मात्रा में मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल होने के आरोप हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन गतिविधियों का विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय पर भी व्यापक असर पड़ा है।
कुल मिलाकर, मंगलवार को सार्वजनिक किए गए तीन अभियोगों में 37 आरोपियों पर आरोप लगाए गए, जिनमें बिश्नोई और एक अन्य कथित अपराध सरगना शामिल हैं, जिनके बारे में जांचकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने भारत में कैद रहते हुए अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन किया था।