वाशिंगटन: छह अक्टूबर (ए) अमेरिका ने आधुनिक इतिहास में नागरिकता रद्द करने की सबसे बड़ी प्रक्रिया शुरू की है, जिसके तहत उसने भारतीय मूल के एक व्यक्ति समेत 40 लोगों की अमेरिकी नागरिकता रद्द करने के लिए विभिन्न अदालतों में कार्रवाई शुरू की है। न्याय विभाग ने यह जानकारी दी।
इन 40 लोगों के खिलाफ अमेरिका की कई अदालतों में नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई की जा रही है। उन पर विदेशी सरकार के एजेंट के रूप में काम करने, गैर इरादतन हत्या और एक दिव्यांग व्यक्ति के साथ गंभीर यौन अपराध समेत कई गंभीर अपराधों के आरोप हैं।
कैलिफोर्निया के बलविंदर सिंह के खिलाफ राज्य की ईस्टर्न डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई की जा रही है। उस पर फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर अमेरिका में प्रवेश पाने और अमेरिकी नागरिकता हासिल करने का आरोप है।
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने सोमवार को कहा, “आज की घोषणा आधुनिक इतिहास में नागरिकता रद्द करने की सबसे बड़ी प्रक्रिया की शुरुआत है।’’
आव्रजन और राष्ट्रीयता अधिनियम के तहत अगर किसी व्यक्ति ने प्राकृतिक रूप से मिली अमेरिकी नागरिकता गैरकानूनी तरीके से हासिल की हो या किसी महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाकर अथवा जानबूझकर गलत जानकारी देकर हासिल की हो, तो उसकी नागरिकता रद्द की जा सकती है।
न्याय विभाग के सिविल डिवीजन के सहायक अटॉर्नी जनरल ब्रेट ए. शूमेट ने कहा, ‘‘इन सभी लोगों ने अमेरिकी नागरिकता हासिल करने के लिए झूठ का सहारा लिया।’’
शूमेट ने कहा, ‘‘यह प्रशासन विभाग के इतिहास में नागरिकता रद्द करने की सबसे बड़ी प्रक्रिया को आगे भी जारी रखेगा, ताकि अमेरिकी नागरिकता में विश्वास और उसकी विश्वसनीयता बहाल की जा सके। हमारा संदेश स्पष्ट है : अमेरिका नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया में धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं करेगा।’’
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, सिंह ने 1992 में बलविंदर सिंह के नाम और पहचान से आव्रजन के लिए आवेदन दिया था।
वर्ष 2003 में उसने दूसरी पहचान के तहत स्थायी निवासी का दर्जा हासिल करने के लिए आवेदन किया और उसे यह दर्जा मिल गया।
न्याय विभाग ने कहा, ‘‘उंगलियों के निशान से यह साबित होता है कि सिंह ने दोनों आवेदन जमा किए थे। वर्ष 2009 में सिंह ने अपनी दूसरी पहचान के तहत अमेरिकी नागरिकता हासिल की। शिकायत में उसके द्वारा गलत जानकारी देने और गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े सात आरोप लगाए गए हैं।’’
विभाग ने बताया कि वह चीन में जन्मे अमेरिकी नौसेना के पूर्व नाविक जिंचाओ वेई की नागरिकता रद्द करने की भी मांग कर रहा है। वेई को जासूसी से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराया जा चुका है।
न्याय विभाग के अनुसार, वेई 2021 में अमेरिकी नौसेना में भर्ती हुआ था और फरवरी 2022 तक उसने चीन को सैन्य गोपनीय जानकारी बेचने की साजिश शुरू कर दी थी। उसने मई 2022 में अमेरिकी नागरिकता हासिल की थी।
वेई को अगस्त 2025 में जासूसी करने की साजिश, जासूसी और रक्षा सामग्री से संबंधित तकनीकी आंकड़ों के अवैध निर्यात के अपराधों में दोषी ठहराया गया था। उसे 200 महीने की जेल की सजा सुनाई गई और नौसेना से बर्खास्त कर दिया गया।
जिन लोगों के खिलाफ नागरिकता रद्द करने की कार्रवाई शुरू की गई है, उनमें पाकिस्तान, मेक्सिको, कंबोडिया, नेपाल और अफगानिस्तान के लोग भी शामिल हैं।
