नयी दिल्ली: 17 फरवरी (ए)
इस मामले में निचली अदालत द्वारा 10 साल की सजा पाए 50-वर्षीय जयदीप सेंगर ने मुंह के कैंसर से पीड़ित होने के कारण अंतरिम जमानत अवधि बढ़ाने की अपील की है।सीबीआई के वकील ने कहा कि यह अंतरिम जमानत बढ़ाने का उपयुक्त मामला नहीं है और जयदीप सेंगर द्वारा अपनी याचिका के समर्थन में दी गई चिकित्सकीय सलाह वास्तविक नहीं, बल्कि ‘‘गढ़ी हुई’’ है।
सीबीआई के वकील ने कहा कि जयदीप को इस तरह के किसी भी विस्तार के अनुरोध के लिए ‘‘उपुयक्त समय सीमा के भीतर’’ अदालत के सामने पेश होना चाहिए था।
हालांकि, न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने जयदीप सेंगर की अंतरिम जमानत 20 फरवरी तक बढ़ा दी और सीबीआई को विस्तृत सत्यापन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया।
अदालत ने कहा, ‘‘सीबीआई ने भी सत्यापन रिपोर्ट दाखिल नहीं की है। कृपया विस्तृत सत्यापन रिपोर्ट दाखिल करें।’’
अदालत ने सीबीआई के वकील से कहा, ‘‘आपको मुझे यह बताना होगा कि क्या यह व्यक्ति इतना गंभीर रूप से बीमार है कि उसे समय विस्तार मिलना चाहिए। यदि नहीं, तो आपको मुझे एक स्पष्ट रिपोर्ट देनी होगी… कि यह मामला वास्तविक है या नहीं। क्या यह व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार है या नहीं।’’
उच्च न्यायालय ने तीन जुलाई, 2024 को जयदीप सेंगर को अंतरिम जमानत दी थी, जिसे समय-समय पर आगे बढ़ाया गया।
कुलदीप सेंगर को उन्नाव पीड़िता के साथ बलात्कार का दोषी पाया गया और 20 दिसंबर, 2019 को उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
यह घटना 2017 की है। सेंगर ने पीड़िता को अगवा कर उसके साथ बलात्कार किया था, जबकि घटना के समय वह नाबालिग थी।