वाशिंगटन: 20 मई (ए)
रिपोर्ट में कहा गया है कि तेहरान स्थित अहमदीनेजाद के आवास पर इजराइली हमला दरअसल उन्हें नजरबंदी से मुक्त कराने के उद्देश्य से किया गया था।
वर्ष 2005 से 2013 तक राष्ट्रपति रहे अहमदीनेजाद अपने कार्यकाल के दौरान ‘‘इजराइल को नक्शे से मिटा देने’’ जैसे बयानों के लिए चर्चित रहे। बाद के वर्षों में उन्होंने ईरान के मौजूदा शासकों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उनकी आलोचना शुरू कर दी थी।
पिछले कुछ वर्षों से उन्हें नजरबंद रखा गया था और ईरानी शासन ने उन्हें बाद के राष्ट्रपति चुनावों में अयोग्य भी घोषित कर दिया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका और इजराइल द्वारा अहमदीनेजाद को संभावित नए नेता के रूप में देखना इस बात का संकेत है कि फरवरी में शुरू किया गया युद्ध तेहरान में अधिक अनुकूल नेतृत्व स्थापित करने की उम्मीद के साथ शुरू किया गया था।
अहमदीनेजाद के एक करीबी सहयोगी ने भी ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ से पुष्टि की कि पूर्व राष्ट्रपति ने अपने घर पर हुए हमले को खुद को आजाद कराने की कोशिश के रूप में देखा था।
सहयोगी के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों का मानना था कि अहमदीनेजाद ईरान का नेतृत्व करने और ‘‘देश की राजनीतिक, सामाजिक और सैन्य स्थिति’’ को संभालने में सक्षम हैं।
सहयोगी ने कहा कि निकट भविष्य में अहमदीनेजाद ईरान में ‘‘बहुत महत्वपूर्ण भूमिका’’ निभा सकते थे। उसने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका उन्हें उसी तरह स्थापित करना चाहता था जैसे वेनेजुएला में डेल्सी रोड्रिगेज को किया था, जिन्होंने निकोलस मादुरो को हटाए जाने के बाद सत्ता संभाली और बाद में ट्रंप प्रशासन के साथ करीबी सहयोग किया।
