
फॉक्स न्यूज के अनुसार, ट्रम्प ने कहा कि अमेरिकी सेना ने क्षेत्र की रक्षा के लिए वास्तविक समय में ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसमें कर्मियों ने निर्देशांक बताकर यह सुनिश्चित किया कि मिसाइलें अपने लक्ष्य तक न पहुंचें। अमेरिकी राष्ट्रपति की यह टिप्पणी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) द्वारा जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे और केंद्रीय कमान सुविधा को निशाना बनाने की जिम्मेदारी लेने के बाद आई है।
ईरानी सरकारी मीडिया, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स ने कहा कि उसने जॉर्डन में अमेरिकी सेना के हवाई अड्डे और केंद्रीय कमान केंद्र पर “कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं और इस कार्रवाई को संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा की गई आक्रामक कार्रवाइयों के जवाब के रूप में बताया है। आईआरबीआईबी के अनुसार, आईआरजीसी के बयान में कहा गया है,जब तक इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के खिलाफ धमकियां जारी रहेंगी और अमेरिकी सेनाओं द्वारा हमारे हितों के खिलाफ अवैध और निंदनीय कार्रवाइयां जारी रहेंगी, तब तक प्रतिरोध जारी रहेगा।बयान में यह भी कहा गया है कि अमेरिकी अधिकारियों की धमकियां और ईरानी हितों के खिलाफ अवैध हस्तक्षेप बंद होने चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशियाओं के खिलाफ अमेरिका-सऊदी अरब द्वारा किए गए हमलों पर भी बात की और कहा कि यह अभियान इराकी सरकार के समन्वय से चलाया गया था। ट्रम्प ने ईरान समर्थित मिलिशियाओं को “दुनिया के लिए कैंसर” बताया और क्षेत्र में तेहरान से जुड़े गुटों के खिलाफ आगे की कार्रवाई से इनकार नहीं किया।