प्रयागराज: तीन अप्रैल (ए)
सिविल लाइंस थाना की पुलिस ने डॉक्टर कार्तिकेय शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 74 (महिला की मर्यादा भंग करने के इरादे से हमला), धारा 76 (महिला को निर्वस्त्र होने को मजबूर करना) और धारा 127(2) (अवैध रूप से हिरासत में रखना) के तहत बृहस्पतिवार को प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस को दी शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि वह अपने भाई के साथ बुधवार की रात 10 बजे डॉक्टर शर्मा के पास इलाज कराने आई थी। उसका नंबर काफी बाद में आने वाला था, इसलिए उसका भाई घर चला गया था।
महिला का आरोप है कि नंबर आने पर जब वह डॉक्टर के केबिन में गई तो डॉक्टर ने केबिन में मौजूद अन्य मरीजों को बाहर कर दिया और केबिन के दोनों दरवाजे बंद कर दिए और उसके ऊपर के कपड़े उतरवाकर उससे छेड़खानी की।
वहीं, डॉक्टर कार्तिकेय शर्मा ने इन आरोपों पर कहा, ‘‘महिला ने ये आरोप क्यों लगाए हैं मुझे नहीं पता क्योंकि वह पिछले तीन-चार महीने से मुझसे इलाज करा रही है। जनवरी महीने में वह मेरे अस्पताल में भर्ती भी हुई थी जहां मनोचिकित्सक सौरभ टंडन और मैंने उसका इलाज किया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस महिला का व्यवहार आक्रामक रहता है और कभी इसके शरीर के किसी भाग में झनझनाहट शुरू हो जाती है, नींद नहीं आती है और वह अवसाद में चली जाती है। बुधवार को इसने शरीर के बांये हिस्से में झनझनाहट होने की शिकायत करते हुए जांच करने का आग्रह किया।’’
डॉक्टर शर्मा ने कहा, ‘‘इसके बाद एक महिला अटेंडेंट को दरवाजे पर खड़ा करके इस महिला को देखा गया, इसके चेहरे और पेट को देखा गया। यह पूरी प्रक्रिया एक-डेढ मिनट में पूरी हो गई थी। कोई भी सीसीटीवी देख सकता है। अगर कुछ गलत होता तो वह शोर जरूर मचाती।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे ऐसा लगता है कि कुछ लोगों ने इस महिला को आरोप लगाने के लिए उकसाया है। महिला मनोरोगी है और वह कुछ भी आरोप लगा सकती है।’’