नयी दिल्ली: सात जुलाई (ए)
न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके द्वारा केंद्र सरकार के “असंगत” आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थीं।
अदालत के आदेश के तुरंत बाद कॉजपा का मूल ‘एक्स’ खाता ‘सीजेपी फॉर इंडिया’ बहाल हो गया।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि 21 जून को आयोजित नीट की पुन:परीक्षा से पहले छात्रों और अभिभावकों के बीच ‘भ्रम’ की स्थिति रोकने के लिए कॉजपा का सोशल मीडिया खाता प्रतिबंधित किया गया था।
उन्होंने कहा, “कई पोस्ट से छात्रों और उनके माता-पिता के बीच अफरातफरी मच गई होती। बेशक, अब परीक्षा खत्म हो चुकी है।”
मेहता ने कहा कि अगर इस चरण पर पाबंदी आदेश को रद्द करने के निर्देश जारी किए जाते हैं तो कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने कहा, “मैं बस सबसे यही गुज़ारिश करूंगा कि वे छात्रों का ध्यान रखते हुए थोड़ा और सावधानी बरतें।”
इस पर न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा, ‘‘चूंकि नीट परीक्षा अब समाप्त हो चुकी है, इसलिए सरकार की मुख्य चिंता अब प्रासंगिक नहीं रह गई है। इन परिस्थितियों में आदेश वापस लिया जाता है। याचिका स्वीकार की जाती है।’’
उच्च न्यायालय ने 29 मई को कॉजपा के खाते को बहाल करने का आदेश देने से इनकार कर दिया था, लेकिन सूचना प्रौद्योगिकी नियमों के तहत एक समीक्षा समिति से इस मामले की जांच करने और सात जुलाई से पहले कोई फैसला लेने को कहा था।
कॉकरोच जनता पार्टी का मूल ‘एक्स’ खाता 15 मई को एक व्यंग्यात्मक डिजिटल मंच के रूप में शुरू हुआ था। इसकी शुरुआत प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की एक टिप्पणी को लेकर उत्पन्न विवाद के बीच हुई। हालांकि, 21 मई को इस खाते पर भारत में रोक लगा दी गई थी।
‘एक्स’ खाते पर 21 मई को रोक लगने के बाद, यह समूह जल्द ही ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम के नए खाते के साथ वापस आ गया, जिसके 2,80,000 से ज्यादा फॉलोअर हैं।
शिक्षा क्षेत्र में व्यवस्था की कथित नाकामियों और चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिये राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट)-स्नातक 2026 का पेपर लीक होने के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए एक अभियान शुरू किया गया है।
प्रधान के इस्तीफे और सरकार की जवाबदेही की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर कॉजपा का विरोध प्रदर्शन मंगलवार को 18वें दिन भी जारी रहा।