नयी दिल्ली: सात जुलाई (ए)
यादव के निजी सचिव को “प्रशासनिक आधार” पर हटा दिया गया, जबकि सहायक निजी सचिव और अतिरिक्त निजी सचिव की नियुक्ति खत्म कर दी गईं। दूसरे अतिरिक्त निजी सचिव को उनके मूल कैडर में “समय से पहले वापस” भेज दिया गया।
यह फैसला तीन जुलाई को जारी चार अलग-अलग आदेशों के जरिए सुनाया गया, जिनमें अधिकारियों को हटाए जाने की वजहों का जिक्र नहीं था।
यादव के निजी सचिव अमर सिंह, जिन्हें उनके पद से मुक्त कर दिया गया है, 2010 बैच के भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी हैं। कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के एक ज्ञापन के अनुसार, उन्हें जून 2024 में सात सितंबर 2026 तक के लिए इस पद पर नियुक्त किया गया था।
मंत्रालय के आदेश के अनुसार, “पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री के निजी सचिव, आईआरएस अधिकारी अमर सिंह को प्रशासनिक कारणों से उनके मूल कैडर यानी राजस्व विभाग में वापस भेजा जा रहा है और उन्हें तत्काल प्रभाव से उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया है।”
सिद्धार्थ यादव सहायक निजी सेक्रेटरी हैं, जिनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी गई है। आयुष सरन अतिरिक्त निजी सचिव हैं, जिनकी नियुक्ति भी खत्म कर दी गई है।
आदेश में कहा गया, “कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के आधिकारिक ज्ञापन के अनुपालन में और सक्षम प्राधिकारी की मंज़ूरी से, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव के तौर पर आयुष सरन की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से समाप्त की जाती है। आयुष सरन को तत्काल उनके कर्तव्यों से मुक्त किया जाता है।”
एक और अतिरिक्त निजी सचिव शैलेश कुमार सिंह को उनके मूल कैडर में वापस भेज दिया गया है।
आदेश में कहा गया, “पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री के अतिरिक्त निजी सचिव और केंद्रीय सचिवालय सेवा के अधिकारी शैलेश कुमार सिंह को उनके मूल कैडर में समय से पहले वापस भेजा जा रहा है। उन्हें ‘एक्सटेंडेड कूलिंग ऑफ’ (काम से लंबे समय तक अलग रहने) की शर्त के साथ तत्काल प्रभाव से उनके कर्तव्यों से मुक्त किया जाता है।”
तीनों आदेशों की प्रतियां प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग सहित अन्य को भेजी गईं।