नई दिल्ली,17 अप्रैल (
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन से संबंधित विधेयक का महिला आरक्षण से कोई संबंध नहीं है, बल्कि भारत के चुनावी मानचित्र को बदलने का प्रयास है जो एक ‘‘शर्मनाक कृत्य’’ है। उन्होंने लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ पर चर्चा में भाग लेते हुए यह आरोप भी लगाया कि सरकार द्वारा जाति जनगणना को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा, ‘‘पूरा विपक्ष मिलकर सरकार के इस प्रयास को विफल करने जा रहा है।’’ उनका कहना था, ‘‘कुछ सच्चाई यह सदन में बताने की जरूरत है। यह महिला आरक्षण विधेयक नहीं है, इसका महिलाओं के सशक्तीकरण से कुछ लेनादेना नहीं है। 2023 में जो पारित हुआ था वो महिला आरक्षण विधेयक था।’’
लोकसभा में शुक्रवार को उस समय हल्के-फुल्के क्षण देखने को मिले जब संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने मजाकिया लहजे में कहा कि ‘‘कानून मंत्री ने कल सदन में पत्नी को समर्पित कविता पढ़ी, जिसके बाद मुझे घर में बहुत डांट पड़ी।’’ वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने शुक्रवार को लोकसभा में महिला आरक्षण से संबंधित विधेयकों पर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण को लेकर उन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि यह पीसी सरकार का ‘मैजिक शो’ या ‘‘माइकल जैक्सन के डांस’’ जैसा था। इन विधेयकों पर चर्चा में भाग लेते हुए दुबे जब जातिगत जनगणना पर अपनी बात रख रहे थे, उसी दौरान उनकी समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अखिलेश यादव के साथ उनकी नोकझोंक हुई।