नयी दिल्ली: 17 जून (ए
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने एक व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई के दौरान ये टिप्पणियां कीं। उक्त व्यक्ति ने अलग-अलग राज्यों में अपने खिलाफ दर्ज कुछ प्राथमिकी को एक साथ जोड़ने का अनुरोध किया था। प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘आप लोग (साइबर अपराधी) परजीवी हैं। आप भोलेभाले निवेशकों से पैसे लेते हैं और उनके साथ ठगी करते हैं। साइबर अपराधियों के खिलाफ हमें बहुत सख्ती बरतनी होगी।’’
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि ऐसे अपराधों के पीड़ित हमेशा देशभर से होते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘आप तमिलनाडु में किसी के साथ ठगी करते हैं, फिर जम्मू-कश्मीर और उसके बाद पूर्वोत्तर चले जाते हैं।’’ उन्होंने कहा कि साइबर अपराधियों को जेल में रखना समाज के हित में होगा।
शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता के खिलाफ अलग-अलग राज्यों में दर्ज कुछ प्राथमिकी को एक साथ जोड़ने की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।पीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता राहत पाने के लिए संबंधित अधिकार क्षेत्र वाले उच्च न्यायालय का रुख कर सकता है।
