
अपने सेवा काल के दौरान उन्होंने गोरखपुर के अलावा गाजीपुर, जौनपुर और इटावा जनपदों में भी विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर तैनात रहकर कार्य किया है। इन जनपदों में रहते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने में उल्लेखनीय योगदान दिया।
ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद को एक तेजतर्रार और फील्ड में सक्रिय अधिकारी के रूप में जाना जाता है। उनकी कार्यशैली में सख्ती के साथ-साथ जनसुनवाई और त्वरित कार्रवाई को प्राथमिकता दी जाती रही है, जिससे आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।
पिपिंग सेरेमनी के दौरान डीजीपी राजीव कृष्ण ने पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस सेवा अत्यंत जिम्मेदारी भरा कार्य है और हर अधिकारी को अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ करना चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने का भी आह्वान किया।
समारोह के उपरांत पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों ने वरिष्ठ अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट कर नई जिम्मेदारियों के निर्वहन को लेकर मार्गदर्शन प्राप्त किया।