कारगिल विजय दिवस वीर सैनिकों के शौर्य, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा का अमर प्रतीक : योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश लखनऊ
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लखनऊ: 26 जुलाई (ए)) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई प्रमुख नेताओं ने रविवार को कारगिल विजय दिवस पर वीर सैनिकों के शौर्य और बलिदान को नमन किया।

योगी ने कहा कि यह दिवस वीर सैनिकों के शौर्य, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा का अमर प्रतीक है।

हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। भारतीय सेना ने 1999 में इसी दिन ‘ऑपरेशन विजय’ की सफलता की घोषणा की थी। उस समय लद्दाख के कारगिल में पाकिस्तानी सैनिकों की घुसपैठ के बाद करीब तीन महीने तक चले संघर्ष में भारत ने विजय हासिल की थी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ खाते पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कारगिल विजय दिवस की सभी को हार्दिक बधाई। यह दिवस हमारे वीर सैनिकों के शौर्य, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा का अमर प्रतीक है।’’

योगी ने कहा, ‘‘मातृभूमि की रक्षा हेतु अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले भारतीय सेना के सभी अमर वीरों को नमन। जय हिंद!’’

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर वीरों को कारगिल विजय दिवस पर कोटि-कोटि नमन।’’

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ‘अपनी’ पोस्ट में कहा, ‘‘कारगिल विजय दिवस की गौरवमयी वर्षगांठ पर भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस, अद्वितीय शौर्य, अटूट संकल्प और उनकी अक्षुण्ण राष्ट्रभक्ति को कोटिशः नमन!’’

मौर्य ने कहा, ‘‘वर्ष 1999 में ‘ऑपरेशन विजय’ के माध्यम से हमारे वीर जवानों ने अद्वितीय पराक्रम का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा की और भारत के गौरव को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाया।’’

उन्होंने कहा कि देश की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सभी अमर वीरों का त्याग और पराक्रम प्रत्येक भारतीय के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने ‘एक्स’ पर एक ‘पोस्ट’ में कहा, ‘‘भारत माता के वीर सपूतों के अदम्य साहस, शौर्य एवं बलिदान के परिचायक कारगिल विजय की गौरवमयी वर्षगांठ पर समस्त सेना के जवानों की वीरता एवं साहस को सादर नमन।’’

पाकिस्तानी सैनिकों ने घुसपैठ कर कारगिल की पहाड़ियों पर स्थित रणनीतिक चौकियों पर कब्जा कर लिया था। उनका मकसद कश्मीर और लद्दाख के बीच परिवहन संपर्क को बाधित करना था। भारत ने उन्हें खदेड़ने के लिए ‘ऑपरेशन विजय’ शुरू किया और इसमें सफलता हासिल की।