टोरंटो: 29 मई (ए)
कनाडाई प्रसारक ‘ग्लोबल न्यूज’ की खबर के अनुसार यह पत्र 13 अगस्त, 2025 को ब्रिटिश कोलंबिया के एबॉट्सफोर्ड स्थित एक पुलिस थाने में भेजा गया था।
यह मामला निर्वासन की सुनवाई के दौरान तब सामने आया, जब एडमोंटन पुलिस सेवा के कांस्टेबल केविन सेंट लुइस ने आव्रजन और शरणार्थी बोर्ड के समक्ष गवाही देते हुए पत्र के बारे में विस्तार से बताया।
सेंट लुइस ने आव्रजन और शरणार्थी बोर्ड को बताया, ‘‘पुलिस को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के नाम से संबोधित एक पत्र मिला था, जो एक पुलिस थाने को भेजा गया था।’’
‘ग्लोबल न्यूज’ ने उनके हवाले से अपनी खबर में कहा, ‘‘इस पत्र में उसके आपराधिक संगठन का संक्षिप्त विवरण दिया गया था, जिसमें कहा गया था कि उसके समूह में 1,000 से अधिक ऐसे व्यक्ति शामिल हैं, जो गोलीबारी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए तैयार हैं।’’
सेंट लुइस ने कथित तौर पर बोर्ड को बताया, ‘‘इसमें इस बात का भी जिक्र है कि हर कारोबारी को अपना कर देना होता है और इससे यह स्पष्ट होता है कि यह समूह वसूली के जरिए पैसा हासिल करना चाहता है।’’
खबर में कहा गया है कि एबॉट्सफोर्ड पुलिस विभाग ने पत्र प्राप्त होने की पुष्टि की है।
सार्जेंट पॉल वॉकर ने ‘ग्लोबल न्यूज’ को बताया, ‘‘इस पत्र की जानकारी कनाडा में जबरन वसूली की घटनाओं से निपटने में लगे हमारे कानून लागू करने वाले सहयोगियों के साथ साझा की गई है।’’
भारत में लगभग एक दशक से हिरासत में बंद बिश्नोई देश के सबसे वांछित अपराधियों में से एक था और माना जाता है कि वह जेल की सलाखों के पीछे से ही एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का संचालन कर रहा था।