लखनऊ: 27 जून (ए)
उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आजमगढ़ में एक शादी समारोह में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अयोध्या में राम मंदिर को चढ़ाए गए चढ़ावे की चोरी निंदनीय और चिंता का विषय है।
अखिलेश ने कहा, ‘‘दान के गबन की खबरों के बाद सरकार को दबाव में आकर विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन करना पड़ा। हालांकि, इस तथ्य से सवाल उठता है कि एसआईटी की रिपोर्ट एक खास व्यक्ति को सौंपी गई है।’’
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसके पहले अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से एक पोस्ट में कहा, ‘‘हम धर्मनिष्ठता और सत्यनिष्ठता के साथ ये संकल्प लेते हैं कि नई सरकार बनाकर ‘अयोध्या’ को एक ऐसी अनुपम-अनुकरणीय धार्मिक नगरी के रूप में विकसित करेंगे, जहां विश्व भर से आए श्रद्धालु सच्ची आध्यात्मिकता की अद्वितीय अनुभूति करेंगे।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि “प्रभु के आशीर्वाद के साथ, हम अयोध्या के सनातन मान को आस्था-श्रद्धा, अखंड विश्वास और सच्ची भावना के ‘सियाराम-धाम’ के रूप में पुनर्स्थापित और पल्लवित करेंगे।”
यादव ने इसी पोस्ट में कहा “इससे अयोध्यावासियों के भी परंपरागत गौरवभान और अधिकारों को पुन: स्थापित करेंगे।”
आजमगढ़ में एक वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा,‘‘अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी निन्दनीय और चिंताजनक है। अयोध्या देश ही नहीं दुनिया भर के सनातनियों के लिए आस्था का स्थान है। धार्मिक नगरी के कारण अयोध्या से सनातनियों का भावनात्मक लगाव है। वहां जो चढ़ावा चोरी की घटना हुई वह बहुत निन्दनीय है।”
उन्होंने कहा कि इस घटना से देश की जनता दुःखी है। चोरी की खबर आने के बाद सरकार को झुककर एसआईटी बनाना पड़ा। एसआईटी बनी लेकिन उसकी रिपोर्ट जिसे सौंपी गयी वह एक प्रश्नचिह्न है।
यादव ने आरोप लगाते हुए कहा,‘‘भाजपा के लिए धन ही धर्म है। लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है। प्रदेश के मुख्यमंत्री अयोध्या दौरे का विश्वरिकॉर्ड बना रहे थे। हर सप्ताह अयोध्या जा रहे थे। आखिर उनका सूचना तंत्र कहां था? उन्हें चढ़ावा चोरी की जानकारी क्यों नहीं हुई?’’
उन्होंने कहा, ‘‘अयोध्या समेत पूरे प्रदेश में हो रहे भ्रष्टाचार की जानकारी मुख्यमंत्री जी को क्यों नहीं हो रही है? चढ़ावा चोरी मामले में आरोपियों से पैसे बरामद हो रहे है। कंड़े और गोबर में पैसे मिल रहे है। गिरफ्तारियां हो रही है। इन लोगों ने आस्था के साथ खिलवाड़ किया है। प्रभु श्रीराम इन्हें माफ नहीं करेंगे।’’
एक सवाल के जवाब में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा,” भाजपा को सत्ता से हटाना बहुत जरूरी है। भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है। संविधान को नहीं मान रही है। अगर भाजपा फिर उप्र में जीत गयी तो आगे चुनाव नहीं होगा। लोगों को वोट देने का मौका नहीं मिलेगा।”
उन्होंने कहा कि बंगाल विधानसभा चुनाव और उत्तर प्रदेश के उपचुनाव में लोकतंत्र की हत्या हुई है। चुनाव में जो कुछ हुआ उसे सभी ने देखा है।
कुछ सप्ताह पहले सपा प्रमुख ने ट्रस्ट को मिले दान के प्रबंधन में वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगाया था जिससे राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया।
ट्रस्ट ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसके खाते पारदर्शी हैं और उनका नियमित रूप से ऑडिट किया जाता है।
इसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने आरोपों की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया और एसआईटी जांच के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच अभी जारी है।