मुजफ्फरनगर (उप्र): एक जुलाई (ए)
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के निरीक्षक मुकेंद्र कुमार ने बताया कि वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रवीण कुमार को सिविल लाइंस थाने में रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। रिश्वत लेने के तुरंत बाद एंटी करप्शन टीम ने दरोगा को हिरासत में लिया और आगे की आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं।
शिकायतकर्ता ओमपाल सिंह, निवासी ग्राम कसौली, थाना चरथावल ने बताया कि उनके खिलाफ कोर्ट के आदेश पर दर्ज एक मुकदमे की विवेचना एसएसआई प्रवीण शर्मा कर रहे थे। आरोप है कि विवेचना में अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगाने के नाम पर दरोगा लगातार एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहे थे। ओमपाल सिंह के अनुसार उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत पहले सीओ सिटी से भी की थी। उनका कहना है कि सीओ द्वारा विवेचना में एफआर लगाने के निर्देश दिए जाने के बावजूद आरोपी दरोगा रिश्वत की मांग पर अड़े रहे। लगातार दबाव बनाए जाने के बाद उन्होंने एंटी करप्शन संगठन से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की पुष्टि होने के बाद एंटी करप्शन टीम ने जाल बिछाया। बुधवार दोपहर करीब एक बजे शिकायतकर्ता तय योजना के अनुसार 50 हजार रुपये लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचा। जैसे ही उसने रकम दरोगा प्रवीण शर्मा को सौंपी, पहले से मौके पर मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया।