लखनऊ: 23 मई (ए)
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कई सवाल उठाते हुए जांच की मांग की। उन्होंने कहा, “असली शस्त्रों के तो लाइसेंस बनते हैं, लेकिन कुछ अदृश्य शस्त्र भी हैं, जो गुप्त रूप से देश, समाज और आपसी प्रेम पर अंदर से बेहद घातक हमला कर रहे हैं।”
सपा प्रमुख ने पोस्ट में कहा, “वकील कह रहे हैं कि लगे हाथ भाजपाइयों के घर, दुकान, कार्यालय और प्रतिष्ठानों के कागज तथा नक्शे मंगाकर उनकी वैधता की भी जांच की जाए।”
उन्होंने बिना नाम लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा से जुड़े लोगों पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘भाजपा और उनके संगी-साथियों द्वारा निर्माण कार्यों, आयोजनों और आपदाओं के नाम पर ‘जगह-जगह’ से बटोरे गये ‘तरह-तरह’ के चंदे-फंड का हिसाब भी मांगा जाए और उनका ऑडिट हो। और हां जनता ये भी पूछ रही है कि इस बात का भी कानूनी पहलू समझाया जाए कि ‘अनरजिस्टर्ड’ लोग जमीन किसके नाम से लेकर अपना निर्माण करते हैं और ये संपत्तियां कैसे बेनामी नहीं हैं? ’’
उन्होंने पोस्ट में कहा “इसके अतिरिक्त जनता की जिज्ञासा ये भी है कि गुप्त-गतिविधियों में संलिप्त भाजपाई संगी-साथियों के ऐसे निर्माणों को ‘कार्यालय’ कहा जाए या ‘अड्डा’?”
सपा प्रमुख ने कहा कि जनता यह भी जानना चाहती है कि इन “संगी-साथियों” का खर्च कौन उठाता है और वे विदेश यात्राएं क्यों करते हैं.
यादव ने आरोप लगाया, “ये ‘संगी-साथी’ औपनिवेशिक समय से किसकी कठपुतली हैं? इन ‘संगी-साथियों’ का इतिहास मुखबिरी का क्यों रहा है? ये ‘संगी-साथी’ सामाजिक सौहार्द क्यों बिगाड़ते हैं?”
उन्होंने कहा, “वकील ये भी पूछ रहे हैं कि अब ये ‘संगी-साथी’ किस नयी साजिश के तहत ‘मानस के मान’ पर लाठियां चलवा रहे हैं?”