सात राज्यों को न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की आयु बढ़ाकर 62 वर्ष करने का सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

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नयी दिल्ली: चार सितंबर (ए) उच्चतम न्यायालय ने सात राज्यों को न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 साल से बढ़ाकर 62 साल करने का निर्देश दिया है, जिसका उद्देश्य अनुभवी न्यायिक अधिकारियों को समय से पहले नौकरी छोड़ने से रोकना और लोगों को न्याय मिलने की प्रक्रिया को बेहतर बनाए रखना है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने कहा कि इस साल 31 मार्च या उसके बाद सेवानिवृत्त हुए सात राज्यों के न्यायिक अधिकारियों को न्यायिक सेवा में फिर से शामिल होने का विकल्प दिया जायेगा, बशर्ते उन्होंने इस दौरान कोई दूसरी नौकरी शुरू न कर दी हो।