जयपुर: 31 अक्टूबर (ए) राजस्थान सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) की वरिष्ठ अधिकारी प्रशाखा माथुर को प्रशासनिक कारणों का हवाला देते हुए शनिवार को उनके पद से हटाकर पदस्थापन प्रतीक्षा (एपीओ) सूची में डाल दिया।
कार्मिक विभाग ने इस बारे में आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया है कि जयपुर में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (आयोजना,आधुनिकीकरण एवं कल्याण) माथुर को अगले आदेश तक एपीओ किया जाता है। वह 1995 बैच की आईपीएस हैं।
उल्लेखनीय है कि माथुर के पति और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल को भी सरकार ने कुछ दिन पहले एपीओ में भेज दिया था।
शिखर अग्रवाल पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, जिनकी जांच भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (एसीबी) कर रहा है।
एसीबी के अनुसार शिखर अग्रवाल, प्रशाखा और परिवार के अन्य सदस्यों ने उदयपुर और अलवर जिलों में होटल व रिसॉर्ट चलाने वाली एक कंपनी से 40 विला और कॉटेज खरीदे थे, जिनकी कीमत बाजार मूल्य से काफी कम थी।
ब्यूरो का आरोप है कि शिखर ने रिसॉर्ट निर्माण की शर्तों में छूट दिलाने, प्रमाणपत्रों की सही जांच किए बिना मंजूरी दिलाने और कंपनी को विशेष रियायती वित्तीय पैकेज दिलाने में मदद की।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस प्रकरण की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो या प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से करवाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आईएएस अधिकारी को केवल एपीओ करना ही काफी नहीं है।
