नयी दिल्ली: सात अगस्त (ए) सरकार ने मई में राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित राष्ट्रीय खरीफ सम्मेलन में अल नीनो की संभावित स्थिति के प्रभाव सहित खरीफ मौसम की तैयारियों की समीक्षा की थी।
कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में शुक्रवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रीय खरीफ सम्मेलन का आयोजन 28 और 29 मई को किया गया था।
ठाकुर ने कांग्रेस के प्रमोद तिवारी के प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि सम्मेलन में फसल योजना, बीज और उर्वरक की उपलब्धता, जल प्रबंधन और क्षेत्र विशिष्ट चुनौतियों की समीक्षा की गई।
उन्होंने बताया कि राज्यों को महत्वपूर्ण सूचनाओं की समय पर उपलब्धता, कुशल जल प्रबंधन, मौसम की स्थिति की सूक्ष्म निगरानी, किसानों को परामर्श और भारत मौसम विज्ञान विभाग, आईसीएआर तथा राज्य सरकारों के समन्वय से आकस्मिक उपायों के कार्यान्वयन के माध्यम से तैयारियों को सुदृढ़ करने की सलाह दी गई।
उनके अनुसार, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) ने कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के लिए अल नीनो से संबंधित जोखिमों को कम करने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं भी जारी की हैं।
