वाशिंगटन,12 जून(ए)।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने को लेकर एक बड़ा समझौता लगभग अंतिम रूप ले चुका है। व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में गुरुवार दोपहर मीडिया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में इस समझौते से जुड़े दस्तावेजों पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जा सकते हैं और यह कार्यक्रम संभवतः यूरोप में आयोजित होगा। ट्रंप के अनुसार, इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह है कि ईरान किसी भी परिस्थिति में परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका की इस पूरी रणनीति का मुख्य उद्देश्य रहा है। ट्रंप ने यह बयान उस समय दिया जब कुछ घंटे पहले ही उन्होंने ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई की घोषणा की थी और साथ ही उसके तेल उद्योग पर नियंत्रण की चेतावनी भी दी थी। 
ईरान ने अमेरिका के साथ किसी अंतिम समझौते की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। ये सिर्फ अटकले हैं। दूसरी ओर ओमान तट के पास जहाज पर हुए हमले और भारतीय नाविकों के लापता होने के मामले में ईरान ने अमेरिका की आलोचना की। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाइयों के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य पहले की तुलना में कम सुरक्षित हो गया है। होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान का मानना है कि क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और टकराव से समुद्री सुरक्षा प्रभावित हुई है। बघाई ने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो इसका असर केवल क्षेत्रीय देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया के ऊर्जा बाजार और व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है।