लखनऊ: 29 अक्टूबर (ए) उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनावों ने 2027 के उप्र चुनावों से कई महीने पहले ही ईवीएम बनाम मत पत्र की पुरानी बहस को एक बार फिर से भड़का दिया है। 11 स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सीटों के लिए हुए ये चुनाव मतपत्र पर कराए गए थे।
भाजपा ने भले ही छह सीटें जीतकर अपनी प्रमुख चुनावी स्थिति बरकरार रखी, राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी ने 2020 के तीन सीटों के अपने प्रदर्शन को बेहतर करते हुए इस बार पांच सीटों पर जीत हासिल की।
