लखनऊ/नागपुर, 20 अक्टूबर (ए) लखनऊ के कैफे मालिक शिवा शर्मा की कथित हत्या मामले में मुख्य आरोपी मॉडल श्रद्धा दुबे समेत तीन लोगों को मंगलवार को नागपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार पुलिस और उत्तर प्रदेश के विशेष कार्यबल (एसटीएफ) की टीम ने नागपुर से श्रद्धा दुबे, उसके ड्राइवर दानिश और बहन रश्मि दुबे को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार इन तीनों में से प्रत्येक की गिरफ्तारी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
अधिकारियों ने बताया कि उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जाएगा।
नागपुर के एक स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि 11 दिन से फरार दुबे नागपुर शहर में वर्धा रोड स्थित एक फ्लैट में छिपी हुई थी। टीम ने मंगलवार पूर्वाह्न करीब 3:30 बजे पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
उन्होंने बताया कि नागपुर पुलिस की अपराध शाखा ने 31 वर्षीय मॉडल को तलाशने और गिरफ्तार करने में उत्तर प्रदेश एसटीएफ तथा लखनऊ पुलिस की मदद की। नागपुर अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) दीपक अग्रवाल ने दुबे की गिरफ्तारी की पुष्टि की।
यह मामला तब चर्चा में आया जब शिवा शर्मा के परिवार वालों ने आरोप लगाया कि नौ अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज कोतवाली इलाके में एक अपार्टमेंट की इमारत से नीचे फेंके जाने से पहले, उनके साथ मारपीट की गई थी और उन्हें प्रताड़ित किया गया था।
शुरुआत में पुलिस ने इसे एक दुर्घटना मानकर जांच शुरू की थी, लेकिन परिवार के आरोपों के बाद हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया। 31 वर्षीय फैशन मॉडल श्रद्धा दुबे तब से फरार थी।
नौ अक्टूबर को हजरतगंज थाना क्षेत्र के बालू अड्डा इलाके में एक अपार्टमेंट की बालकनी से शिवा शर्मा (28) कथित तौर पर नीचे गिर गया था। इस मामले में श्रद्धा की बहन रश्मि दुबे, उनके ड्राइवर तनवीर अली (उर्फ दानिश) और दो अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने श्रद्धा, रश्मि और दानिश की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने वाले के लिए 50-50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की थी।
सोशल मीडिया पर सामने आये वीडियो में श्रद्धा ने शिवा शर्मा की मौत में अपना हाथ होने से इनकार किया है। उसने दावा किया कि शिवा उसके घर पर बाथरूम में गया था और वहां से बालकनी में आकर नीचे कूद गया। श्रद्धा ने यह भी आरोप लगाया कि शिवा पर 15 से 20 लाख रुपये का कर्ज था और उसने कर्ज न चुका पाने की स्थिति में अपनी जान देने की धमकी दी थी। उसका कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से साफ हो जाएगा कि असल में क्या हुआ था। उसने मारपीट या प्रताड़ना के आरोपों को भी खारिज किया है।
सोशल मीडिया पर एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सामने आई थी जिसमें कथित तौर पर शिवा शर्मा यह स्वीकार करता सुनाई दे रहा है कि उसने श्रद्धा के गहने लिए थे और उन्हें बेच दिया था। रिकॉर्डिंग में श्रद्धा यह पूछती सुनाई देती है कि गहनों की कीमत करीब छह लाख रुपये थी, तो वह पैसे कब लौटाएगा। जांचकर्ता इस संभावना की भी पड़ताल कर रहे हैं कि कहीं कुछ आरोपी नेपाल तो नहीं भाग गए हैं।
पिछले हफ्ते, नेपाल सीमा के पास बहराइच जिले के रुपईडीहा कस्बे में श्रद्धा के नाम पर पंजीकृत एक महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन लावारिस हालत में मिली थी। जांच के दौरान, हजरतगंज के थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) विक्रम सिंह को पुलिस लाइन से सम्बद्ध कर दिया गया। वहीं सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रजनीश वर्मा को अपराध शाखा भेज दिया गया और पुलिस उपायुक्त (डीसीपी-सेंट्रल) विक्रांत वीर को लखनऊ में उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया।
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को आरोप लगाया कि कैफे मालिक शिवा शर्मा की मौत ‘कोई मामूली मामला नहीं’ है और यह ‘उत्तर प्रदेश सरकार को गिरा सकता है।’’उन्होंने इसकी तुलना कानपुर के गैंगस्टर विकास दुबे के 2020 में पुलिस मुठभेड़ से की। यादव ने कहा, ‘न्याय मिलना चाहिए। याद रखें, तब गाड़ी पलटी नहीं थी, सरकार गिरने से बच गई थी।’
उन्होंने विकास दुबे की मौत के हालात का जिक्र किया, जो जुलाई 2020 में मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश लाए जाते समय पुलिस मुठभेड़ में कानपुर में मारा गया था, जब उसे ले जा रही गाड़ी पलट गई थी।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने कैफे मालिक मामले को लेकर दावा किया, ‘यह मामला भी कोई मामूली मामला नहीं है। यह ऐसा मामला है जो सरकार को गिरा देगा।’ उन्होंने इस मामले में कुछ प्रभावशाली लोगों के कथित संबंध की ओर इशारा किया।
