वाशिंगटन: तीन नवंबर (ए) अमेरिकी नागरिकों ने मंगलवार को मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान शुरू किया। ये चुनाव हाल के समय में सबसे अहम चुनावों में गिने जा रहे हैं और इस मतदान को व्यापक रूप से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल पर जनमत संग्रह के रूप में देखा जा रहा है।मतदान से यह तय होगा कि क्या राष्ट्रपति ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी, अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के दोनों सदनों – प्रतिनिधि सभा और ऊपरी सदन सीनेट पर अपना नियंत्रण बनाए रख पाएगी या फिर ‘ओपिनियन पोल’ (मतदान पूर्व सर्वेक्षण) के अनुमान के मुताबिक डेमोक्रेटिक पार्टी कम से कम प्रतिनिधि सभा पर अपना नियंत्रण हासिल कर लेगी। यह ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के अंतिम दो वर्षों के लिए महत्वपूर्ण होगा।
इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीट और 100 सदस्यीय सीनेट की 37 सीट के लिए मतदान हो रहा है।
ओहायो सहित 36 राज्यों में गवर्नर के पदों के लिए भी चुनाव हो रहे हैं। ओहायो में भारतीय-अमेरिकी विवेक रामास्वामी का मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन से है और दोनों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है।
कई भारतीय मूल के अमेरिकी उम्मीदवार गवर्नर से लेकर नगर परिषद सदस्य तक के पदों के लिए चुनाव मैदान में हैं। केरल में जन्मी डेमोक्रेटिक पार्टी की नित्या रमन का अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर लॉस एंजिलिस के मेयर पद के लिए अपनी पूर्व बॉस करेन बास से कड़ा मुकाबला है।
भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना, अमी बेरा, प्रमिला जयपाल और सुहास सुब्रमण्यम अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, डेमोक्रेटिक पार्टी की पीया दांडिया और अमीष शाह भी चुनावी मैदान में हैं, जो पहली बार कांग्रेस सदस्य (सांसद) बनने के लिए कड़े मुकाबले में हैं।
सोमवार को रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवारों ने मतदाताओं के सामने अपनी आखिरी अपील रखी। इस दौरान ट्रंप ने इसके लिए ‘लिंकन मेमोरियल रिफ्लेक्टिंग पूल’ को चुना और करों में कटौती, आयात शुल्क तथा सीमा सुरक्षा जैसे मुद्दों के बजाय अमेरिकी राजधानी में कराए गए सौंदर्यीकरण कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया। ये मुद्दे उनकी चुनावी रैलियों में प्रमुखता से उठाए जाते रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ के अनुसार पिछले 32 दिन में ट्रंप ने 20 राज्यों का दौरा किया जिनमें से अधिकतर रिपब्लिकन पार्टी के गढ़ माने जाते हैं। उन्होंने वहां 30 रैलियों को संबोधित किया।
विश्लेषकों का कहना है कि ट्रंप की लोकप्रियता का स्तर अब तक के सबसे निचले स्तर पर है और वह रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवारों के लिए राजनीतिक बोझ बन गए हैं।
