वाशिंगटन: सात जून (ए)
ट्रंप ने एनबीसी न्यूज के ‘मीट द प्रेस’ कार्यक्रम को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि समझौते के अभाव में, वह ईरानी सेना को इस हद तक और कमजोर कर देंगे कि अमेरिकी सेनाएं सुरक्षित रूप से अपने दम पर विखंडनीय सामग्री एकत्र कर सकें।
उन्होंने कहा, “अगर हम यह समझौता कर लेते हैं कि अब हम मित्रवत हैं, तो हम सब साथ जाएंगे। यह हमारा उपकरण होगा। हम इसे बाहर निकालेंगे और नष्ट कर देंगे, चाहे वह (संयंत्र) परिसर में हो या परिसर से बाहर ले जाया जाए।”
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह ईरान के साथ समझौते पर हस्ताक्षर करने के “बहुत करीब” हैं, लेकिन वह ईरान पर और आगे बढ़ने और अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को पूरी तरह से त्यागने के लिए प्रतिबद्ध होने का दबाव डाल रहे हैं।
उन्होंने कहा, “अब, अगर हम कोई समझौता नहीं करते हैं, तो हम उन्हें सैन्य रूप से बहुत सख्ती से बाहर निकालेंगे। और हम ऐसा करने से पहले इंतजार करेंगे, ऐसे में हम हर हाल में सुरक्षित रहेंगे।”
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि शांति समझौता होने तक ईरान पर लगे प्रतिबंधों को नहीं हटाया जाएगा और न ही उसकी संपत्तियों के लेन-देन पर लगी रोक को अग्रिम रूप से हटाया जाएगा।
ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या वह ईरानी संपत्तियों को तुरंत नहीं तो बाद में मुक्त करने पर विचार करेंगे, उन्होंने कहा “हां। अगर वे अच्छा व्यवहार करते हैं, अगर वे सही काम करते हैं, तो हम बातचीत शुरू करेंगे। हां।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि वह लेबनान से तेहरान के साथ अल्पकालिक समझौते का हिस्सा बनने की मांग नहीं कर रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “उन्होंने यह बात मान ली है कि उनके पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। हमने समझौते में एक शर्त रखी थी कि वे परमाणु हथियार विकसित नहीं करेंगे। और मेरे अलावा बाकी सब इससे बहुत खुश थे।” उन्होंने कहा कि वह एक अतिरिक्त प्रावधान चाहते हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ईरान किसी समझौते को दरकिनार न कर सके।