नेपाल में बाढ़ के नौ दिन बाद सुरंग से दो श्रमिकों को बचाया गया

अंतरराष्ट्रीय
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काठमांडू: चार सितंबर (ए) मध्य नेपाल में त्रिशूली नदी में आई अचानक बाढ़ के नौ दिन बाद त्रिशूली 3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग से दो लोगों को बचाया गया है।दोनों व्यक्तियों की पहचान कबीर महार्जन (45) और संजय साह (30) के रूप में हुई है।

नेपाल सेना के जनसंपर्क निदेशालय के अनुसार महार्जन इस परियोजना पर एक यांत्रिक पर्यवेक्षक के रूप में काम कर रहे थे जबकि साह ‘फोरमैन’ के रूप में कार्यरत थे।

नेपाल सेना के नेतृत्व में सुरक्षा कमान विशेष उपकरणों की मदद से तलाश और बचाव अभियान में जुटी हुई है।

समाचार पत्र ‘काठमांडू पोस्ट’ की खबर के अनुसार इससे पहले बचावकर्मियों ने सुरंग के अंदर से आवाजें सुनने के बाद वहां फंसे लोगों से संपर्क स्थापित किया और फिर यह बचाव अभियान चलाया गया। इसमें बताया गया कि आवाजें सुनने के बाद नेपाल की सेना और सशस्त्र पुलिस बल ने उन तक पहुंचने की कोशिशें तेज कर दीं।

नेपाल-तिब्बत सीमा के निकट 26 अगस्त को बर्फ और चट्टानों के हिमस्खलन के कारण आई इस बाढ़ ने उत्तरी और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों में बड़े पैमाने पर तबाही मचाई।

नेपाल पुलिस के अनुसार, अब तक चितवन में 359, नवलपरासी पूर्व में 218, नवलपरासी पश्चिम में 208, नुवाकोट में 185, गोरखा में 72, धादिंग में 60, रसुवा में 140 और तनहुं में 38 शव बरामद किए गए हैं। वहीं, काठमांडू के दो अस्पतालों में इलाज के दौरान दो लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या शुक्रवार को बढ़कर 1,282 हो गई है। उधर राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के सांसद श्री राम न्यौपाने ने फेसबुक पोस्ट में बताया कि संजय शाह को त्रिशूली 3A जलविद्युत परियोजना से ज़िंदा बाहर निकाला गया है. यह परियोजना नुवाकोट और रासुवा जिलों की सीमा पर है.इसी परियोजना से दूसरे व्यक्ति को भी बचा लिया गया है. बाढ़ के बाद जलविद्युत परियोजना के अंदर से बचाए गए ये पहले दो लोग हैं. त्रिशूली नदी के किनारे 12 अलग-अलग जलविद्युत परियोजनाओं में 900 से ज्यादा लोगों के फंसे होने की आशंका है.इससे पहले 4 सितंबर को बचाव अभियान में शामिल इंजीनियर न्यौपाने ने पोस्ट किया था कि नेपाल आर्मी और सशस्त्र पुलिस के जवानों ने सुरंग के अंदर से आवाज़ें सुनी हैं. इससे उम्मीद जगी थी कि फंसे मजदूर ज़िंदा हो सकते हैं.न्यौपाने की पोस्ट में लिखा था, “बचाव दल सुरंग में जाने के लिए अभियान तेज कर रहे हैं. यह उम्मीद जगाने वाली बात है कि हमने सुरंगों के अंदर से आवाजें सुनी हैं.”

न्यौपाने के मुताबिक, शुक्रवार सुबह-सुबह त्रिशूली 3A में सुरक्षा कर्मियों ने पुष्टि की कि सुरंग के अंदर एक से ज्यादा लोगों की आवाजें सुनाई दे रही हैं. जब वे सुरंग के अंदर गए, तो बचाव कर्मियों ने कहा, “चिंता मत करो, हम तुम्हें बचाने आ रहे हैं.”