घायल गोविंदाओं के इलाज को लेकर शिवसेना समर्थकों ने अस्पताल कर्मचारियों से की मारपीट, मामला दर्ज

राष्ट्रीय
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पालघर/मुंबई: छह सितंबर (ए) दही हांडी समारोह के दौरान घायल गोविंदाओं के इलाज के बिल को लेकर अस्पताल के कर्मचारियों के साथ मारपीट, अपशब्द कहने और धमकी देने के आरोप में शिवसेना के 12 से अधिक पदाधिकारियों पर रविवार को मामला दर्ज किया गया। इनमें पार्टी की पालघर जिला और शहर इकाई के प्रमुख और एक विधायक का बेटा भी शामिल है।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिन 17 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें से 10 के नाम सामने आए हैं। इनमें शिवसेना के जिला प्रमुख कुंदन बालकृष्ण सांखे, शहर प्रमुख राहुल रामदास घरात और विधायक राजेंद्र गावित के बेटे रोहित गावित शामिल हैं।

उन्होंने अस्पताल के ‘बिलिंग रिसेप्शनिस्ट’ विवेक बाबुलिंगा (23) की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी का हवाला देते हुए बताया कि यह घटना आज तड़के यहां के रिलीफ अस्पताल में हुई, जब शिवसेना के केंद्रीय कार्यालय के बाहर दही-हंडी कार्यक्रम में घायल हुए ‘गोविंदाओं’ को इलाज के लिए वहां लाया गया था।

उन्होंने कहा, “शनिवार रात मानव पिरामिड बनाते समय गिरने से घायल हुए पांच प्रतिभागियों (ओंकार कलवाडकर, आकाश पाटिल, हितेश चौधरी, केशव ठाकुर और अनिकेत मह्यावंश) को इलाज के लिए रिलीफ अस्पताल लाया गया।”

उन्होंने बताया कि आधी रात तक पांचों मरीजों का कुल चिकित्सा बिल 19,866 रुपये हो गया था, जिसमें से 10,000 रुपये एक सहयोगी ने नकद जमा कर दिए थे।

अधिकारी ने बताया, “हालांकि, उस समय बहस हो गई जब भीड़ ने मांग की कि बाकी रकम का भुगतान किए बिना ही मरीजों को छुट्टी दे दी जाए। रात 1:15 बजे, सालुंखे और घरात की अगुवाई में करीब 15-20 लोग आपातकालीन वार्ड में घुस आए। उन्होंने ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक लिजोमोल के साथ बदसलूकी की और ‘रिसेप्शनिस्ट’ बाबुलिंगा को थप्पड़ मारा।”

उन्होंने कहा कि समूह आईसीयू में भी घुस गया, जिससे वहां भर्ती मरीजों की जान खतरे में पड़ गई और जबरदस्ती एक घायल ‘गोविंदा’ को आईसीयू से बाहर निकाल लिया।

कुंदन बालकृष्ण सांखे (शिवसेना जिला प्रमुख) राहुल रामदास घरात (शिवसेना शहर प्रमुख) रोहित गावित (विधायक राजेंद्र गावित के बेटे) मनीष उर्फ ​​विक्की सांखे, साईराज पाटिल, राहुल सांखे, मनोज घरात, नीलम सांखे, शुभम बांदिवडेकर, ऋषभ वारे के साथ ही सात-आठ अज्ञात लोगों के खिलाफ रविवार सुबह मामला दर्ज किया गया।

पुलिस के अनुसार, मामले की जांच उपनिरीक्षक विनायक केसकर कर रहे हैं और अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा-शरदचंद्र पवार) ने शिवसेना के पदाधिकारियों की निंदा करते हुए इसे चिकित्सा व्यवस्था और कानून के शासन पर हमला बताया।

राकांपा-शरदचंद्र पवार के प्रवक्ता महेश तापसे ने आरोप लगाया कि पार्टी पदाधिकारी अस्पताल में घुसे, चिकित्सकों और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया, एक कर्मचारी को थप्पड़ मारा और परिसर में तोड़फोड़ करने की धमकी दी।