पटना: 17 मई (
विभाग ने स्कूलों को यह भी निर्देश दिया है कि परिसर में वजन मापने की मशीन लगाई जाएं, ताकि नियमित रूप से बैग का वजन जांचा जा सके।
अधिकारियों ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी निजी स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में कहा, ‘‘राज्य के सभी निजी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों को एनसीईआरटी स्कूल बैग नीति, 2020 का पालन करना होगा और यह सुनिश्चित करना होगा कि स्कूल बैग का वजन बच्चे के वजन के 10 प्रतिशत से अधिक न हो। इस कदम का उद्देश्य छात्रों पर शारीरिक बोझ को कम करना है।’’
मंत्री ने कहा कि विद्यालय में बैग के वजन की नियमित निगरानी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संस्थानों को छात्रों को अनावश्यक पठन-पाठन सामग्री स्कूल लाने से रोकने के लिए उपयुक्त समय-सारिणी बनानी चाहिए।
तिवारी ने कहा, ‘‘यह निर्णय मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देशों के बाद लिया गया है। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार अभिभावकों और छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए राज्य की शिक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, न्यायसंगत और सुलभ बनाने के लिए कदम उठा रही है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री ने हाल में निजी स्कूलों को मनमानी और अनुचित शुल्क वृद्धि के खिलाफ आगाह किया है और कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’
मंत्री ने कहा कि स्कूल के छात्रों का अच्छा स्वास्थ्य और तनाव-मुक्त मन राष्ट्र निर्माण में योगदान देता है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए यह अनिवार्य किया जाना चाहिए कि हर स्कूल, चाहे उसका प्रबंधन किसी भी प्रकार का हो, बच्चों के हित में स्कूल बैग नीति का पालन सुनिश्चित करे। स्वास्थ्य, शारीरिक शिक्षा और कला शिक्षा ऐसे क्षेत्र हैं, जो बच्चों के सर्वांगीण विकास में मदद करते हैं। इन्हें समय-सारिणी में पर्याप्त स्थान दिया जाना चाहिए।’’
एनसीईआरटी के दिशानिर्देशों के अनुसार, स्कूलों में नियमित रूप से स्कूल बैग के वजन की जांच करना आवश्यक है, जिसके लिए परिसर में वजन मशीन चालू रखनी चाहिए।