गोथेनबर्ग (स्वीडन): 17 मई (ए)
गोथेनबर्ग हवाई अड्डे पर उतरने से पहले प्रधानमंत्री मोदी के विमान को स्वीडिश वायु सेना के लड़ाकू विमानों ने सुरक्षा प्रदान की। हवाई अड्डे पर उनके स्वीडिश समकक्ष उल्फ क्रिस्टर्सन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया, जो इस यात्रा के महत्व को दर्शाता है।
मोदी ने स्वीडन पहुंचने से पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था,‘‘मैं प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन से व्यापार, निवेश, नवाचार, रक्षा और अन्य क्षेत्रों में भारत-स्वीडन की दोस्ती को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से मुलाकात करूंगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला फॉन डेर लायन के साथ, मैं यूरोपीय उद्योग व्यापार गोलमेज सम्मेलन में यूरोपीय व्यापार जगत के शीर्ष नेतृत्व से मिलूंगा। इससे भारत और यूरोप के बीच निवेश संबंधों को और मजबूती मिलेगी।’’
मोदी स्वीडन की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान द्विपक्षीय संबंधों पर केंद्रित बातचीत करेंगे और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग के नए अवसर तलाशेंगे, जो 2025 में 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।
दोनों पक्ष हरित ऊर्जा की ओर बढ़ने, एआई, उभरती प्रौद्योगिकियों, स्टार्टअप, लचीली आपूर्ति शृंखलाओं, रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु कार्रवाई और दोनों देशों की जनता के स्तर पर संबंध जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने पर चर्चा करेंगे।
इससे पहले मोदी ने 2018 में पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के लिए स्वीडन का दौरा किया था।
यह मोदी की चार देशों की यूरोपीय यात्रा का दूसरा चरण है। वह नीदरलैंड की यात्रा कर चुके हैं और उनकी उपस्थिति में भारत और नीदरलैंड ने रक्षा, महत्वपूर्ण खनिजों और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस सप्ताह के अंत में, वह नॉर्वे और इटली की भी यात्रा करेंगे।
गोथेनबर्ग हवाई अड्डे पर उतरने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री मोदी ने वहां उनका स्वागत करने आए प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्यों से मुलाकात की। उनका स्वागत संगीत प्रस्तुतियों से किया गया। एक स्वीडिश महिला ने भजन गाकर उनका स्वागत किया।