नयी दिल्ली: एक जून (ए)
सिब्बल ने रविवार को कहा था कि उन्हें ऐसे देश में रहने पर शर्म आती है, जहां सत्तारूढ़ पार्टी लोकतंत्र की नींव को नष्ट करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।
नयी दिल्ली: एक जून (ए)
सिब्बल ने रविवार को कहा था कि उन्हें ऐसे देश में रहने पर शर्म आती है, जहां सत्तारूढ़ पार्टी लोकतंत्र की नींव को नष्ट करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।