संविधान विशेषज्ञ सुभाष काश्यप ने अपनी विद्वता से संसदीय प्रणाली को समृद्ध किया: राष्ट्रपति मुर्मू

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नयी दिल्ली: चार जून (ए) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बृहस्पतिवार को प्रख्यात संविधान विशेषज्ञ सुभाष सी. काश्यप के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने देश की संसदीय प्रणाली के विकास को अपनी विद्वता से समृद्ध किया है।

लोकसभा के पूर्व महासचिव काश्यप का बृहस्पतिवार को निधन हो गया। वह 97 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे।

राष्ट्रपति ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘लोक सभा के पूर्व महासचिव एवं सुप्रसिद्ध संविधान विशेषज्ञ डॉ. सुभाष सी. काश्यप जी के निधन का समाचार बहुत दुःखद है। उन्होंने हमारे संविधान के अध्ययन को तथा हमारी संसदीय प्रणाली के विकास को अपनी विद्वत्ता और अंतर्दृष्टि से समृद्ध किया है। मैं उनके परिजनों और प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती हूं।’’

काश्यप पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय समिति का हिस्सा थे, जिसका गठन ‘एक साथ चुनाव’ कराने के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने के वास्ते किया गया था।

काश्यप 1984 से 1990 तक सातवीं, आठवीं और नौवीं लोकसभा के महासचिव रहे। वह एक प्रख्यात राजनीतिक वैज्ञानिक, भारतीय संविधान, संवैधानिक कानून, संसदीय मामलों के विशेषज्ञ थे।

उनका जन्म 10 मई 1929 को हुआ था। पत्रकारिता से अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत करने वाले काश्यप कुछ समय के लिए वकील और शिक्षक भी रहे। वह 1953 में लोकसभा सचिवालय के साथ जुड़े और 37 वर्षों तक सेवा दी।