बेंगलुरु: 28 मई (ए)
दो दिन पहले ही पार्टी आलाकमान ने उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ने का निर्देश दिया था।
सिद्धरमैया ने यहां लोक भवन में राज्यपाल के विशेष सचिव को अपना इस्तीफा सौंपने के तुरंत बाद प्रेसवार्ता को संबोधित किया।
प्रेसवार्ता में उपमुख्यमंत्री और संभावित उत्तराधिकारी शिवकुमार एवं अन्य मंत्रिमंडल सहयोगी भी मौजूद थे।
उन्होंने राज्यपाल थावरचंद गहलोत की अनुपस्थिति में उनके विशेष सचिव प्रभु शंकर को इस्तीफा सौंपा।
सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘मैंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। मुझे विश्वास है कि राज्यपाल संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार मेरा इस्तीफा स्वीकार कर लेंगे। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने बार-बार कहा था कि जब भी पार्टी आलाकमान मुझे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने को कहेगा, मैं इस्तीफा दे दूंगा। आलाकमान ने मुझे दो दिन पहले पद छोड़ने का निर्देश दिया था, जिसके अनुसार मैंने आज अपना इस्तीफा सौंप दिया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे दो बार कर्नाटक के लोगों की सेवा करने का मौका मिला जिसके लिए मैं सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे को धन्यवाद देता हूं।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा का टिकट देने की पेशकश की है, लेकिन उन्होंने विनम्रता से इसे अस्वीकार कर दिया क्योंकि वह अपने विधानसभाक्षेत्र के प्रतिनिधि के तौर पर कम से कम बाकी दो साल के लिए कर्नाटक में सक्रिय राजनीति में रहना चाहेंगे।
सिद्धरमैया ने कहा, “ आलाकमान ने मुझे राज्यसभा जाने के लिए कहा था। मैंने विनम्रतापूर्वक इसे अस्वीकार कर दिया। मुझे राष्ट्रीय राजनीति में कोई दिलचस्पी नहीं है। मैं राज्य की राजनीति में ही रहूंगा। जनता ने मुझे पांच साल के लिए चुना है और अभी दो साल बाकी हैं। तब तक मैं कर्नाटक की जनता और अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए काम करूंगा।”
इस बीच, सिद्धरमैया के समर्थकों ने राज्य के कई हिस्सों में उनके इस्तीफे के विरोध में प्रदर्शन किया।
यहां सिद्धरमैया के सरकारी आवास पर भावुक दृश्य देखने को मिले, जब समर्थकों के एक बड़े समूह ने उन्हें घेर लिया और उनसे इस्तीफा न देने की अपील की। मुख्यमंत्री ने उन्हें सांत्वना देने का प्रयास किया।
शिवकुमार के आवास के पास जश्न का माहौल था, क्योंकि संकेत हैं कि वह राज्य के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। कई कांग्रेस नेता और विधायक शिवकुमार को बधाई देने के लिए उनके आवास पर पहुंचे।
प्रेसवार्ता के शीघ्र बाद सिद्धरमैया नयी दिल्ली के लिए रवाना हो गए, जहां वह अपने उत्तराधिकारी और मंत्रिमंडल गठन की प्रक्रिया के संबंध में कांग्रेस आलाकमान के साथ चर्चा कर सकते हैं। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
उपमुख्यमंत्री और सिद्धरमैया के संभावित उत्तराधिकारी डी के शिवकुमार भी आज बाद में राष्ट्रीय राजधानी के लिए रवाना हुए। शिवकुमार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं। उनके कार्यालय ने यह जानकारी दी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, दिल्ली यात्रा के दौरान आलाकमान के साथ विधायक दल के नये नेता के चयन, मंत्रिमंडल संरचना और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष समेत विभिन्न विषयों/बातों पर चर्चा होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि एक-दो दिनों में इन विषयों पर पर तस्वीर साफ हो सकती है।
मई 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद मुख्यमंत्री पद के लिए सिद्धरमैया और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा थी। तब पार्टी ने बाद में शिवकुमार को (मुख्यमंत्री पद पर दावा छोड़ देने के लिए) मना लिया और उन्हें उपमुख्यमंत्री बना दिया।
उस समय खबरें आयी थीं कि ‘‘बारी-बारी से मुख्यमंत्री बनने के फार्मूले’ पर सहमति बनी है, जिसके तहत शिवकुमार ढाई साल बाद मुख्यमंत्री बनेंगे, लेकिन पार्टी या दोनों नेताओं की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
आज त्यागपत्र देने से पहले सिद्धरमैया ने अपने सरकारी निवास पर मंत्रिमंडलीय सहयोगियों के लिए आयोजित जलपान कार्यक्रम में मंत्रियों को पद छोड़ने के अपने फैसले से अवगत कराया और यह भी कहा कि कांग्रेस आलाकमान के निर्देशानुसार उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार अगले मुख्यमंत्री होंगे।
हालांकि, प्रेसवार्ता में अगले मुख्यमंत्री के बारे में पूछे जाने पर सिद्धरमैया ने कहा, ‘‘विधायक दल और आलाकमान जिसे भी मुख्यमंत्री बनाने का फैसला करेंगे, वही राज्य का मुख्यमंत्री होगा।”
शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बारे में पूछे जाने पर उनके भाई और पूर्व कांग्रेस सांसद डी.के. सुरेश ने कहा, “आइए हम सभी पार्टी के फैसले का इंतजार करें।”
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जलपान की बैठक की एक तस्वीर में सिद्धरमैया भावुक शिवकुमार को गले लगाते हुए दिखाई दिए। एक अन्य तस्वीर में शिवकुमार सिद्धरमैया के पैर छूते और उनका आशीर्वाद लेते हुए नजर आए।
सूत्रों के अनुसार, जलपान कार्यक्रम के दौरान कुछ मंत्री भावुक हो गए।
सिद्धरमैया ने कर्नाटक की जनता को मुख्यमंत्री रहने के दौरान दिये गये प्यार और समर्थन के लिए धन्यवाद देते हुए सोशल मीडिया पर भावुक संदेश लिखा।
सिद्धरमैया ने ‘एक्स’ पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह एक सभा के सामने हाथ जोड़कर खड़े हैं और आभार व्यक्त कर रहे हैं।
उन्होंने लिखा, “धन्यवाद। आपका प्यार। आपका भरोसा। मेरी सदैव की शक्ति।”
यह संदेश तस्वीर पर उनके हस्ताक्षर के साथ दिखाई दिया।
सिद्धरमैया ने मुश्किल समय में साथ देने के लिए लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने लिखा, “मैं कर्नाटक के लोगों के सामने सिर झुकाता हूं-लाखों स्नेही हृदयों ने मुझे अपने ही एक सदस्य की तरह माना, मुझे आशीर्वाद दिया, मेरा हौसला बढ़ाया, मेरी गलतियों को सुधारा, मुश्किल समय में मेरा साथ दिया और इस लंबी यात्रा में मेरा हाथ थामे रखा। आज मैं जो कुछ भी हूं, आप सबकी वजह से ही हूं।”
कुछ सूत्रों के अनुसार, सिद्धरमैया ने पद छोड़ने का फैसला इसलिए किया क्योंकि यह संदेश सीधे पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी की ओर से आया था।
सिद्धरमैया और शिवकुमार को मंगलवार को पार्टी ने दिल्ली बुलाया था, जहां कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पार्टी महासचिव के सी वेणुगोपाल और सुरजेवाला की उपस्थिति में लगातार बैठकें हुईं।
सिद्धरमैया ने दावा किया कि उन्होंने मूल्यों और विचारधारा से कभी समझौता नहीं किया और न ही कभी सत्ता या धन के पीछे भागे।
सिद्धरमैया ने कहा कि उन्होंने कभी धन संचय के बारे में नहीं सोचा और उनका 50 वर्षों का राजनीतिक करियर सबके सामने एक खुली किताब की तरह है।