पटना: 30 अक्टूबर (ए) निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को बिहार विधान परिषद के दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के उम्मीदवार अनिल झा को औपचारिक रूप से निर्वाचित घोषित किया। इस सीट पर मतगणना में हुई देरी को लेकर विपक्षी दल राजद ने सवाल उठाए थे।
निर्वाचन आयोग की ओर से जारी बयान के अनुसार, अनिल झा को 25,406 वोट मिले, जबकि दूसरे स्थान पर रहे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार सर्वेश कुमार को 21,396 मत प्राप्त हुए। इस तरह झा ने यह सीट भाजपा से छीन ली।
आठ निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 23 अक्टूबर को हुए द्विवार्षिक चुनाव में राजद ने दो सीटों पर जीत दर्ज की है। इन आठ सीटों में से पहले राजद का कोई प्रतिनिधित्व नहीं था। इस जीत के साथ ही विधानसभा चुनाव में हार के करीब एक साल बाद पार्टी की विधान परिषद में संख्या बढ़कर 17 हो गई है।
इससे पहले राजद उम्मीदवार संजीव कुमार पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित घोषित किए गए थे। उन्होंने भाजपा के पांच बार के विधान परिषद सदस्य नवल किशोर यादव को पराजित किया।
सभी आठ निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना मंगलवार सुबह शुरू हुई थी।
दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा समर्थकों ने मतगणना शुरू होने के एक दिन बाद दावा किया था कि निवर्तमान एमएलसी सर्वेश कुमार ने अपनी सीट बरकरार रखी है। उनका कार्यकाल नवंबर में समाप्त हो रहा है।
हालांकि, बृहस्पतिवार को भी मतगणना जारी रहने के बीच राजद के कार्यकारी अध्यक्ष एवं बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस पर सवाल उठाए।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में निर्वाचन आयोग पर ‘‘धांधली’’ करने और ‘‘जबरन भाजपा को जिताने की कोशिश’’ करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि 56 घंटे से अधिक समय तक चली मतगणना प्रक्रिया के दौरान 10 प्रतिशत मतों को अवैध घोषित कर दिया गया।
बृहस्पतिवार देर शाम दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना पूरी होने के बाद राजद खेमे में जश्न शुरू हो गया था। नतीजा घोषित होने से पहले ही तेजस्वी यादव ने अनिल झा को जीत की बधाई दी थी।
बिहार की 75 सदस्यीय विधान परिषद में भाजपा की सदस्य संख्या घटकर अब 24 रह गई है। हालांकि, वह सदन में अब भी सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है।
भाजपा ने आठ सीटों में से चार पर चुनाव लड़ा था और इनमें से तीन सीटों पर उसके उम्मीदवार पहले से काबिज थे। पार्टी को दरभंगा स्नातक और पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में हार का सामना करना पड़ा, जबकि तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में उसने जीत दर्ज की।
भाजपा की सहयोगी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) सदन में 20 सदस्यों के साथ दूसरे स्थान पर बनी हुई है। जद (यू) ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की सीट लगातार चौथी बार बरकरार रखी। हालांकि, पार्टी शेष तीन सीटों में से किसी पर भी जीत हासिल नहीं कर सकी, जहां उसने उम्मीदवार उतारे थे।
राजद विधान परिषद में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी हुई है और उसकी सदस्य संख्या बढ़कर 17 हो गई है।
तेजस्वी यादव ने चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव परिणामों को ‘‘राजग के खिलाफ शिक्षित समाज का जनादेश’’ बताया है.
