नयी दिल्ली: तीन जुलाई (ए)
एमईए ने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य इन तीनों देशों के साथ भारत के संबंधों को और प्रगाढ़ करना है।
यात्रा के पहले चरण में प्रधानमंत्री इंडोनेशिया जाएंगे। इसके बाद वह ऑस्ट्रेलिया की यात्रा करेंगे, जहां उनके प्रमुख कार्यक्रम मेलबर्न में आयोजित होंगे। वह अपनी यात्रा के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड जाएंगे।
विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) रुद्रेन्द्र टंडन ने संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा विशेष महत्व की होगी, क्योंकि यह लगभग 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा होगी।
इससे पहले दिन में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने घोषणा की कि प्रधानमंत्री मोदी अगले सप्ताह न्यूजीलैंड की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा करेंगे।
लक्सन ने सोशल मीडिया पर कहा, ‘‘मुझे यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अगले सप्ताह न्यूजीलैंड की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा करेंगे।’’ हालांकि, उन्होंने यात्रा की तारीख का खुलासा नहीं किया।
उन्होंने भारत को दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताते हुए कहा कि न्यूजीलैंड की आर्थिक समृद्धि के लिए भारत अत्यंत महत्वपूर्ण है।
लक्सन ने कहा, ‘‘अप्रैल में हस्ताक्षरित न्यूजीलैंड-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के माध्यम से हम दोनों देशों के संबंधों को अगले स्तर पर ले जा रहे हैं। इससे न्यूजीलैंड में अधिक रोजगार, निर्यात में वृद्धि और मजबूत आर्थिक वृद्धि सुनिश्चित होगी।’’
उन्होंने कहा कि यह समझौता नए अवसरों के द्वार खोलेगा और न्यूजीलैंड की वस्तुओं एवं सेवाओं के लिए 1.4 अरब लोगों के बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि इससे ‘‘न्यूजीलैंड के समुदायों में अधिक धन आएगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और मजदूरी में वृद्धि होगी।’’
भारत और न्यूजीलैंड ने इस वर्ष दोनों देशों के बीच वस्तुओं एवं सेवाओं के व्यापार को बढ़ावा देने तथा निवेश को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर किए थे।