शस्त्रों की खरीद-फरोख्त के मामलों में गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी की गिरफ्तारी पर रोक

उत्तर प्रदेश प्रयागराज
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प्रयागराज (उप्र): 10 अगस्त (ए) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सांसद अफजाल अंसारी के शस्त्र लाइसेंस से जुड़े तीन मामलों में उनकी गिरफ्तारी पर सोमवार को रोक लगा दी।

पुलिस ने उत्तर प्रदेश में उनके गाजीपुर निर्वाचन क्षेत्र में तीन प्राथमिकियां दर्ज की हैं। ये प्राथमिकियां उनके लाइसेंस पर खरीदे और बेचे गए उन हथियारों से जुड़ी हैं, जो कथित तौर पर गायब हो गए थे।तीनों प्राथमिकी कोतवाली पुलिस थाने, गाजीपुर में दर्ज की गई हैं।

पुलिस ने समाजवादी पार्टी के सांसद अंसारी के खिलाफ शस्त्र लाइसेंस पर शस्त्रों की खरीद-बिक्री से जुड़े आधिकारिक रिकॉर्ड कथित तौर पर गायब होने, हथियारों के सौदों में अनियमितताएं पाए जाने और एक लाइसेंसी राइफल का पता नहीं चलने के संबंध में तीन मामले दर्ज किए थे।

अंसारी ने प्राथमिकियां दर्ज किए जाने को चुनौती देते हुए कहा कि 1983 से 1987 के बीच के आधिकारिक दस्तावेजों के गायब होने के मामले में ये प्राथमिकियां जुलाई 2026 में दर्ज की गईं, जो कि बहुत देरी से दर्ज की गयीं।

न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की पीठ ने सरकारी अधिवक्ता को जवाब दाखिल करने का समय देते हुए अफजाल अंसारी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।

अदालत ने मामले को तीन सप्ताह बाद सूचीबद्ध करने का आदेश दिया और तीनों मामलों को एक साथ जोड़ दिया।

पुलिस के मुताबिक, ये रिकॉर्ड संबंधित शस्त्र लिपिकों के साथ मिलीभगत कर जानबूझकर गायब किए गए। जांच के आधार पर अफजाल अंसारी, पूर्व लिपिक गौरीशंकर लाल और सुग्रीव तिवारी के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षडयंत्र और शस्त्र अधिनियम की सुसंगत धाराओं में तीन प्राथमिकियां दर्ज की गई थीं।