जयपुर: 24 सितंबर (ए) राजस्थान भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बृहस्पतिवार को जयपुर के नाहरगढ़ थाने में तैनात एक उपनिरीक्षक को मुकदमे में जब्त मोबाइल फोन और पर्स वापस लौटाने के एवज में 10 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
एसीबी के महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता ने बताया कि आरोपी की पहचान गिरधारी लाल मीणा के रूप में हुई है।
उन्होंने बताया कि एसीबी को शिकायत मिली थी कि नाहरगढ़ थाने में दर्ज एक मामले में परिवादी की गिरफ्तारी के दौरान जब्त मोबाइल फोन और पर्स लौटाने के लिए जांच अधिकारी रिश्वत मांग रहा है।
शिकायत के अनुसार, आरोपी परिवादी से पहले ही पांच हजार रुपये ले चुका था और अतिरिक्त राशि की मांग कर रहा था।
शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर 25 हजार रुपये की मांग की और बाद में 10 हजार रुपये लेकर सामान लौटाने पर सहमति जताई।
इसके बाद एसीबी की विशेष अनुसंधान इकाई ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महावीर सिंह शेखावत के नेतृत्व में तथा पुलिस निरीक्षक रघुवीर शरण की अगुवाई में जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान मीणा को परिवादी से 10 हजार रुपये लेते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।
एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच की जाएगी।
