नयी दिल्ली: 28 मई (ए)
दीपके की याचिका पर न्यायमूर्ति पुरुषैन्द्र कुमार कौरव के समक्ष सुनवाई होनी है। पूर्व में आम आदमी पार्टी (आप) से जुड़े रहे दीपके ने 15 मई को एक वकील के वरिष्ठ पद से संबंधित याचिका की सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की ‘‘कॉकरोच’’ और ‘‘परजीवी’’ टिप्पणियों पर विवाद के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की शुरुआत की।
हालांकि, 16 मई को प्रधान न्यायाधीश ने अपनी टिप्पणी को लेकर कड़े शब्दों में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा कि वह उन खबरों से ‘‘आहत’’ हैं, जिनमें यह संकेत दिया गया था कि उन्होंने युवाओं की आलोचना की थी।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा था कि उनकी टिप्पणियां विशेष रूप से उन लोगों के खिलाफ थीं, जो ‘‘फर्जी और अवैध डिग्रियों’’ के जरिए कानूनी पेशे में प्रवेश कर रहे हैं, और मीडिया के एक वर्ग ने उनकी बातों को ‘‘गलत तरीके से पेश’’ किया।
‘एक्स’ पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का मूल हैंडल 21 मई को भारत में ‘ब्लॉक’ कर दिया गया था। इसके बाद समूह ने ‘कॉकरोच इज बैक’ नाम से नए हैंडल के साथ वापसी की, जिसके वर्तमान में 2.27 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं।
यह मुहिम अपने अनोखे प्रतीकों और डिजिटल अभियान की रणनीति के कारण व्यापक ध्यान आकर्षित कर रही है। समर्थकों ने ‘‘कॉकरोच’’ पहचान को विरोध के एक रूप के रूप में वर्णित किया है।
सोलह मई को शुरू हुई सीजेपी का दावा है कि उसका उद्देश्य युवाओं की आवाज को मजबूत करने और सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए युवाओं द्वारा संचालित एक स्वतंत्र आंदोलन खड़ा करना है।
हाल में इसने शिक्षा क्षेत्र में कथित व्यवस्थागत विफलताओं और नीट-यूजी 2026 पेपर ‘‘लीक’’ को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए एक अभियान शुरू किया है।