अमेरिका ने ईरान के छह शीर्ष नेताओं पर घोषित किया इनाम, दो की जा चुकी है जान

अंतरराष्ट्रीय
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जेफरसन सिटी (अमेरिका), 20 मार्च (द कन्वरसेशन) ट्रंप प्रशासन ने 15 मार्च, 2026 को ईरान की सत्ता से जुड़े छह वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी में मददगार सूचना देने पर एक करोड़ अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा की।

सूची में शामिल दो नेताओं की हाल में इजराइली हमलों में मौत हो चुकी है। बहरहाल, ईरान के प्रभावशाली सत्ता तंत्र की व्यापक तस्वीर पेश करने के लिए उनके नाम भी इस सूची में रखे गये हैं। ये नेता इस्लामी गणराज्य की धार्मिक, खुफिया और सुरक्षा संस्थाओं के प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं।

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की फरवरी 2026 में अमेरिका-इजराइल हमले में मौत के बाद उनके पुत्र सैयद मुजतबा खामेनेई को मार्च की शुरुआत में नया सर्वोच्च नेता चुना गया। 56 वर्षीय सैयद मुजतबा खामेनेई लंबे समय से सत्ता के भीतर प्रभावशाली माने जाते रहे हैं और सुरक्षा व खुफिया संस्थानों से उनके करीबी संबंध रहे हैं।

अक्सर विवादों में घिरे रहे सैयद मुजतबा खामेनेई ने कोई निर्वाचित पद नहीं संभाला, फिर भी उन्हें संभावित उत्तराधिकारी के रूप में देखा जाता था। 2005 के राष्ट्रपति चुनाव में उन पर चुनावी धांधली के आरोप लगे थे और 2022–23 के प्रदर्शनों में उनके संभावित नेतृत्व के विरोध में नारे लगाए गए थे।

सैयद अली-असगर (मीर) हेजाजी, अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी सहयोगियों में रहे हैं। उन्होंने 1979 की क्रांति के बाद ‘शुद्धिकरण समिति’ में भूमिका निभाई और बाद में खुफिया मंत्रालय तथा सर्वोच्च नेता कार्यालय में वरिष्ठ पद संभाले।

वह विभिन्न सरकारी और धार्मिक इकाइयों के बीच समन्वय के प्रमुख सूत्रधार रहे हैं। अमेरिका ने 2013 में और यूरोपीय संघ ने 2019 में उन पर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों में प्रतिबंध लगाए थे। मार्च 2026 के एक इजराइली हमले में उनके बच जाने की सूचना है।

सैयद इस्माइल खतीब (64) की 18 मार्च, 2026 को इजराइल और अमेरिका के हमले में मौत हो गई। वह 2021 से ईरान के खुफिया मंत्री थे और इससे पहले न्यायपालिका तथा सर्वोच्च नेता के सुरक्षा कार्यालय में महत्वपूर्ण पदों पर रहे। 1980 में उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से जुड़े अभियानों में भाग लिया था। अमेरिका ने 2020 में उन पर प्रतिबंध लगाया था।

अली लारीजानी (68) की 17 मार्च, 2026 को हुए इजराइल और अमेरिका के हमले में मौत हो गई। इस्लामी गणराज्य के अनुभवी राजनीतिक चेहरों में गिने जाने वाले अली लारीजानी संस्कृति मंत्री, राज्य प्रसारण प्रमुख, सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव और ईरान के मुख्य परमाणु वार्ताकार रह चुके थे। जनवरी 2026 से और विशेषकर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद वह निर्णय प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका में उभरे थे।

ब्रिगेडियर जनरल एस्कंदर मोमेनी (64) ईरान-इराक युद्ध के अनुभवी हैं और विभिन्न पुलिस व आंतरिक सुरक्षा पदों पर रहे हैं। अगस्त 2024 से वह गृह मंत्री हैं और 2017–18 तथा 2026 की अशांति के दौरान सुरक्षा कार्रवाई की निगरानी से जुड़े रहे।

मेजर जनरल याह्या रहीम सफवी (73) रिवोल्यूशनरी गार्ड के पूर्व कमांडर-इन-चीफ और वर्तमान में सर्वोच्च नेता के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार हैं। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने 2006 में उनके खिलाफ प्रतिबंध लगाए थे और वह अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में भी हैं।