नयी दिल्ली: 20 मार्च (ए
) दिल्ली उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि वह आपराधिक कानून में ‘असहमति वाले अप्राकृतिक यौन संबंध’ के लिए प्रावधान किए जाने की मांग वाली जनहित याचिका पर विचार करेगा। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का फैसला डेढ़ साल बाद भी “कहीं नजर नहीं आ रहा” है।
मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने गंतव्य गुलाटी की याचिका को बहाल कर दिया। इससे पहले अगस्त 2024 में अदालत ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया था कि वह याचिका पर विचार कर छह महीने के भीतर निर्णय ले।