ईरान ने युद्ध के बावजूद लाखों बैरल तेल निर्यात किया, होर्मुज जलडमरूमध्य से लगभग 90 जहाज गुजरे

अंतरराष्ट्रीय
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हांगकांग: 18 मार्च (ए)) अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावी रूप से बंद होने के बावजूद ईरानी तेल टैंकरों सहित लगभग 90 जहाज इस संकरे जलमार्ग से गुजर चुके हैं और तेहरान अब भी लाखों बैरल तेल का निर्यात कर रहा है। समुद्री व्यापार पर नजर रखने वाले मंचों के आंकड़ों से यह जानकारी मिली।

समुद्री डेटा फर्म ‘लॉयड्स लिस्ट इंटेलिजेंस’ के अनुसार, जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कई जहाजों ने कथित तौर पर ‘‘अवैध’’ पारगमन किया था जो पश्चिमी सरकार के प्रतिबंधों और निगरानी से बचकर गुजरे और जिनके ईरान से संबंधित होने की संभावना है।

हाल ही में, भारत और पाकिस्तान से जुड़े जहाजों ने भी सरकारों द्वारा बातचीत तेज करने के बाद सफलतापूर्वक जलडमरूमध्य को पार किया है।

कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सहयोगी देशों और व्यापारिक साझेदारों पर युद्धपोत भेजने और जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए दबाव डाला, ताकि तेल की कीमतों को कम किया जा सके।

हालांकि, व्यापार डेटा और विश्लेषण मंच ‘केप्लर’ के अनुमान के अनुसार, ईरान मार्च की शुरुआत से अब तक 1.6 करोड़ बैरल से अधिक तेल का निर्यात करने में कामयाब रहा है। इसके अनुसार, पश्चिमी प्रतिबंधों और उनसे जुड़े जोखिमों के कारण ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार चीन रहा है।

कंसल्टिंग फर्म ‘रेड्डल’ के वरिष्ठ अधिकारी कुन काओ ने कहा कि ईरान ने संकरे जलमार्ग पर नियंत्रण का इस्तेमाल करके तेल की बिक्री से मुनाफा कमाने के साथ-साथ ‘‘अपने निर्यात मार्ग को भी सुरक्षित’’ रखा है।एक से 15 मार्च के बीच कम से कम 89 जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया, जिनमें 16 तेल टैंकर शामिल थे। युद्ध से पहले प्रतिदिन लगभग 100 से 135 जहाजों के आवागमन की तुलना में यह संख्या काफी कम है।