नयी दिल्ली: पांच अप्रैल (ए)
) उच्चतम न्यायालय की न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी. वी. नागरत्ना ने निर्वाचन आयोग को चुनावों को निष्पक्ष बनाए रखने वाली प्रमुख संस्था बताते हुए कहा कि यदि चुनाव संचालित करने वाले लोग उम्मीदवारों पर निर्भर हों, तो चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं की जा सकती।
शीर्ष न्यायालय की न्यायाधीश ने शनिवार को पटना के चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय में राजेंद्र प्रसाद स्मृति व्याख्यान देते हुए मतदान प्रक्रिया की निगरानी करने वाली संस्थाओं की संरचनात्मक स्वतंत्रता को लेकर गंभीर चिंता जताई।