नयी दिल्ली: छह अक्टूबर (ए) उच्चतम न्यायालय ने स्कूलों में सुबह की प्रार्थना के दौरान संविधान की प्रस्तावना का पाठ कराने का निर्देश देने के अनुरोध वाली याचिका मंगलवार को खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा, ‘‘याचिका खारिज की जाती है।’’ याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि याचिका में यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया था कि स्कूलों में सुबह की प्रार्थना के दौरान प्रस्तावना का पाठ कराया जाए।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21ए का जिक्र किया जो शिक्षा के अधिकार से संबंधित है।
याचिका खारिज करते हुए पीठ ने कहा, ‘‘स्कूलों में पहले से ही छठी कक्षा में संविधान की प्रस्तावना पढ़ाई जाती है।’’
