काठमांडू, आठ मार्च (ए) रैपर से नेता बने बालेंद्र शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) नेपाल में सरकार बनाने के लिए पूरी तरह तैयार है। आरएसपी ने राजनीतिक रूप से अस्थिर नेपाल में स्थापित पुरानी पार्टियों को करारा झटका देते हुए रविवार को घोषित महत्वपूर्ण आम चुनाव में शानदार जीत हासिल की।
‘बालेन’ के नाम से मशहूर आरएसपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार 35 वर्षीय बालेंद्र शाह ने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में नेपाल की सबसे पुरानी पार्टी नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (सीपीएन-यूएमएल) के अध्यक्ष और चार बार के पूर्व प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को लगभग 50,000 वोट के भारी अंतर से हराया।
नेपाल के निर्वाचन आयोग (ईसी) ने बताया कि ‘बालेन’ को 68,348 वोट मिले जबकि 74 वर्षीय ओली को 18,734 वोट मिले।
बालेन का नेपाल का अगला प्रधानमंत्री बनने की संभावना है। वहीं, इस चुनाव में आरएसपी की जीत देश में स्थापित दलों को जनता द्वारा नकारे जाने को दर्शाती है।
बालेन हिमालयी देश के पहले मधेसी प्रधानमंत्री होंगे और साथ ही नेपाल के संसदीय इतिहास में सर्वोच्च पद पर आसीन होने वाले सबसे युवा व्यक्ति भी होंगे।
निर्वाचन आयोग ने रविवार सुबह 10 बजे तक के घोषित परिणाम के अनुसार रवि लामिछाने द्वारा 2022 में गठित आरएसपी ने 138 सीट में से 107 सीट जीती हैं।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, आरएसपी ने काठमांडू घाटी के तीन जिलों के सभी 15 निर्वाचन क्षेत्रों में अन्य पार्टियों का सूपड़ा साफ कर दिया है।
पुरानी पार्टियां उन मतदाताओं को भरोसे में लेने में नाकाम रहीं जिनके लिए भ्रष्टाचार से लड़ाई, भाई-भतीजावाद का अंत और देश की राजनीतिक नेतृत्व में पीढ़ीगत बदलाव प्रमुख मुद्दे थे।
नेपाली कांग्रेस 15 सीट पर जीतने के साथ दूसरे स्थान पर रही और पार्टी तीन सीट पर आगे है।
निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के अनुसार, सीपीएन-यूएमएल ने सिर्फ सात सीट जीतीं और तीन सीट पर आगे है, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) छह सीट पर विजयी रही और एक सीट पर आगे है, श्रम शक्ति पार्टी (एसएसपी) ने एक सीट पर जीत दर्ज की जबकि दो सीट पर आगे है और राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी (आरपीपी) ने एक सीट जीती है। जीतने वालों में एक निर्दलीय उम्मीदवार भी शामिल है।
आरएसपी नेता इंदिरा राना मगर ने भंग की गई प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष और सीपीएन-यूएमएल के वरिष्ठ नेता देव राज घिमिरे को हराकर झापा-2 से जीत हासिल की।
राना मगर ने घिमिरे के खिलाफ 48,742 वोट के भारी अंतर से जीत हासिल की जबकि घिमिरे को 11,368 वोट मिले।
नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष गगन थापा (49) धनुषा-4 निर्वाचन क्षेत्र से आरएसपी के अमरेश सिंह से हार गए। पार्टी ने थापा को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया था।
निर्वाचन आयोग के अनुसार, सिंह को 33,688 वोट मिले जबकि थापा को 22,831 वोट मिले।
महासचिव गुरु राज घिमिरे, शेखर कोइराला और बिमलेंद्र निधि सहित नेपाली कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी हार का सामना करना पड़ा।
सीपीएन-यूएमएल के महासचिव शंकर पोखरेल समेत पार्टी के दस महासचिव भी चुनाव हार गए।
हार का मुंह देखने वाले सीपीएन-यूएमएल के अन्य नेताओं में उपाध्यक्ष बिष्णु पौडेल, पृथ्वी सुब्बा गुरुंग और गोकर्ण बिस्ता, उप महासचिव रघुबीर महासेठ व सचिव शेरधन राय, महेश बस्नेत, राजन भट्टराई एवं भानुभक्त ढकाल शामिल हैं।
नेपाल में पांच मार्च को हुए प्रतिनिधि सभा के चुनाव में लगभग 60 प्रतिशत मतदान हुआ था। मतों की गिनती बृहस्पतिवार देर रात शुरू हुई।
भारत इस चुनाव पर करीब से नजर रख रहा है। वह राजनीतिक रूप से अस्थिर हिमालयी देश में एक स्थिर सरकार की उम्मीद कर रहा है ताकि दोनों पक्षों के बीच विकासात्मक साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सके।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को नेपाल की जनता और सरकार को चुनाव के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘अपने नेपाली बहनों और भाइयों को इतने जोश के साथ अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का प्रयोग करते देखकर खुशी महसूस हो रही है। यह ऐतिहासिक उपलब्धि नेपाल की लोकतांत्रिक यात्रा में एक गौरवपूर्ण क्षण है।’’
उन्होंने यह भी कहा कि एक घनिष्ठ मित्र और पड़ोसी के रूप में भारत, नेपाल के लोगों तथा उसकी नयी सरकार के साथ मिलकर शांति, प्रगति और समृद्धि की नयी ऊंचाइयों को छूने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
इस बीच सीपीएन-यूएमएल के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ओली ने भी बालेन को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि उनकी सरकार पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी। नेपाल पिछले 18 साल में 14 सरकार देख चुका है।
ओली ने भी अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘‘बालेन बाबू, जीत के लिए बधाई। आशा है कि आप बिना किसी बाधा के पांच साल का कार्यकाल पूरा करें।’’ इस पोस्ट के साथ उन्होंने 2022 की अपनी एक तस्वीर भी पोस्ट की जिसमें वह 2022 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू के महापौर का चुनाव जीतने के बाद ‘बालेन’ को तबला भेंट करते नजर आ रहे हैं
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