सीईसी के साथ अपनी बैठकों का ऑडियो अगले हफ्ते जारी कर सकता है तृणमूल का ममता गुट

राष्ट्रीय
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नयी दिल्ली: 29 सितंबर (ए) विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कवायद को लेकर जारी विवाद के बीच तृणमूल कांग्रेस का ममता बनर्जी गुट मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ हुई अपनी बैठकों की ऑडियो रिकॉर्डिंग जारी करने पर विचार कर रहा है। पार्टी सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि रिकॉर्डिंग अगले सप्ताह जारी किए जाने की उम्मीद है ताकि यह उजागर किया जा सके कि निर्वाचन आयोग के साथ बैठकों के दौरान राजनीतिक दलों से कुमार ने किस तरह बातचीत की, जिसमें चुनाव प्रक्रिया से संबंधित तकनीकी पहलुओं और प्रक्रियाओं पर चर्चाएं भी शामिल थीं।

सूत्रों ने कहा कि टीएमसी के ममता गुट के पास तीन बैठकों की रिकॉर्डिंग हैं और दावा किया कि निर्वाचन आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने कार्यवाही के दौरान बहुत कम बात की।

उन्होंने कहा कि रिकॉर्डिंग में टीएमसी प्रतिनिधिमंडल द्वारा पूछे गए सवालों की प्रकृति और आयोग की ओर से दिए गए जवाब भी सामने आएंगे।

ममता के नेतृत्व वाला गुट ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ निर्वाचन आयोग (ईसी) पर पार्टी के संगठनात्मक नियंत्रण, नाम और चुनाव चिह्न को लेकर जारी उसकी सुनवाई में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगा रहा है।

विवाद आयोग के सामने तब आया जब ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले एक समूह ने मौजूदा पार्टी संगठन के अधिकार को चुनौती दी और तृणमूल कांग्रेस पर नियंत्रण का दावा किया। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले पक्ष ने इस दावे को खारिज कर दिया है।

सूत्रों ने कहा कि पार्टी ने पहले रिकॉर्डिंग जारी करने पर विचार किया था, लेकिन उस समय ऐसा नहीं करने का फैसला किया।

रिकॉर्डिंग जारी करने पर विचार करने का टीएमसी का कदम अप्रैल में पार्टी और निर्वाचन आयोग के बीच हुए कटु विवाद के महीनों बाद आया है।

आठ अप्रैल को, टीएमसी के एक प्रतिनिधिमंडल ने नयी दिल्ली में पूर्ण चुनाव आयोग से मुलाकात की थी।

बैठक के बाद, राज्यसभा सदस्य और पार्टी के संयुक्त सचिव डेरेक ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया था कि कुमार ने सात मिनट की बातचीत के अंत में प्रतिनिधिमंडल से कहा कि “दफा हो जाओ”।

हालांकि, निर्वाचन आयोग ने कहा कि उसके प्रमुख ने टीएमसी नेताओं से “सीधी बात” की थी और ओ’ब्रायन पर निर्वाचन आयुक्तों पर चिल्लाने तथा मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) को चुप रहने को कहने का आरोप लगाया।